इटावा। वरासत दर्ज करने के लिए जिले में विशेष अभियान शुरू किया गया है। राजस्व कर्मचारी गांवों में जाकर जानकारी करेंगे। खतौनियों का ब्योरा लोगों को पढ़कर सुनाएंगे, जिन लोगों के वरासत के मामले लंबित हैं, उन्हें दर्ज किया जाएगा। अगर किसी का राजस्व वाद लंबित है तो वह लेखपाल और कानूनगो से संपर्क कर सकता है।
डीएम श्रुति सिंह ने बताया कि लेखपाल 27 से 31 मई तक वरासत के सारे लंबित मामलों का ब्योरा एकत्र करेंगे। राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) उनकी कर नियमानुसार एक जून से सात जून तक वरासत के आदेश करेंगे। राजस्व निरीक्षक कार्यालय नामांतरण आदेश को आर-6 में दर्ज करने के बाद खतौनियों की प्रविष्टियों को भूलेख साफ्टवेयर पर आठ जून से 14 जून तक दर्ज करेंगे। 15 से 17 जून तक लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार, एसडीएम प्रमाणपत्र देकर बताएंगे कि उनके क्षेत्र में उत्ताराधिकार का कोई मामला लंबित नहीं है।
इस तरह कराएं ऑनलाइन
इटावा। वरासत आनलाइन दर्ज कराने के लिए नजदीकी जनसेेवा केंद्र पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसमें खतौनी की नकल, परिवार के मुखिया का मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल और आधार कार्ड अपलोड करने होंगे। जांच के बाद नामांतरण आदेेश आर 6 में दर्ज हो जाएगा। इसके बाद खतौनी की नकल तहसील से या आनलाइन ली जा सकती है। अगर किसी किसान को आनलाइन आवेदन में दिक्कत आती है तो वह कागजात के साथ संबंधित लेखपाल से भी मिल सकता है।