इटावा। परेशानी में फंसे बच्चे 1098 चाइल्ड लाइन पर कॉल कर मदद पा सकते हैं। यह बच्चों के हितों की रक्षा के लिए सातों दिन चौबीसों घंटे चलने वाली हेल्पलाइन है।
यह बात ब्लॉक बाल संरक्षण समिति के सदस्य व सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम कुमार शाक्य ने कहीं। वे बाल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के तहत जसवंतनगर के ग्राम मलाजनी गांव के एक ईंट-भट्ठा मजदूरों के बच्चों के साथ बातचीत कर रहे थे।
कहा कि चाइल्ड लाइन अनाथ और निराश्रित तथा स्कूल न जा सकने वाले गरीब बच्चों की भी सहायता करती है। बताया कि इस नंबर पर कोई भी बच्चा आपातकाल के समय फोन करके मदद ले सकता है।
यदि कोई भी बच्चा किसी मुसीबत में फंस जाए, किसी व्यक्ति द्वारा प्रताड़ित किया जाए, बीमार हो जाए या अन्य समस्या आने पर इस नंबर पर फोन कर सकता है। यह नंबर पूरी तरह निशुल्क है।
शाक्य ने बांदा व चित्रकूट जिले से पलायन कर मजदूरों संग आए दो दर्जन बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी हासिल की तो उनमें पढ़ने की उत्सुकता देखने को मिली।
उन्होंने सरकार की मुख्यमंत्री बाल कल्याण योजना पर प्रकाश डाला और पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 एवं एंबुलेंस हेल्पलाइन 108 नंबर बताए। पैरा लीगल वालंटियर लालमन बाथम ने बाल अधिकारों पर प्रकाश डाला।
बताया कि छह वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा का कानूनी अधिकार है। कार्यस्थल पर मौजूद महिलाओं को यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों व गरीबों को नि:शुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी।
इस मौके पर पलायन करने वाले मजदूरों के बच्चे शामिल रहे।