इटावा। जिन बंदियों की जमानत के आदेश 21 मार्च से पूर्व कोर्ट दे चुकी है। लेकिन उनकी रिहाई जमानत बंधपत्रों की जांच न हो पाने से अटकी है। उन्हें अब बंधपत्रों की जांच के बगैर ही रिहा कर दिया जाएगा।
प्रभारी जनपद न्यायाधीश विवेक त्रिपाठी ने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार पीके जैन से हुई वार्ता के फलस्वरूप आदेश दिए हैं कि 21 मार्च से पूर्व जिन मामलों में सत्र अथवा मजिस्ट्रेट न्यायालयों के जमानत आदेश पर संबंधितों के बंधपत्र स्वीकार होने से रह गए हैं। सत्र न्यायालय व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऐसे जमानत बंधपत्र स्वीकार करके रिहाई के आदेश भेजेंगे। यह बंधपत्र जनपद न्यायालय में रिमांड मजिस्ट्रेट के बैठने के समय लिए जाएंगे। इस आदेश की सूचना जिला मजिस्ट्रेट, एसएसपी व जिला कारागार के अधीक्षक को भेजी गई है।
मालूम हो कि कोर्ट से जमानत आदेश होने के बाद जमानत बंधपत्रों का सत्यापन पुलिस व तहसील स्तर से होता है। लेकिन लॉकडाउन के चलते यह जांच हो नहीं पा रही। लिहाजा जमानत आदेश होने के बाद भी बंदी रिहा नहीं हो रहे हैं। इस आदेश के बाद उनके जमानत बंधपत्रों की जांच किए बगैर रिहाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
विदेश से आने वाले लोग जानकारी दें
इटावा। जनपद में 12 से 31 मार्च तक विदेश से आने वाले लोग अपनी जानकारी न छिपाएं इस बारे में जरुर अवगत कराएं। ऐसे लोग अपना पासपोर्ट नंबर, किस देश से आए हैं, कब आए हैं, किस काम से आए हैं के बारे में कंट्रोल रूम को जानकारी दें। सीएमओ डा.एनएस तोमर ने बताया कि विदेश से आने वाले लोग अपनी जानकारी कंट्रोल रूम के इन नंबरों 9045032394 तथा 9045253394 पर दें सकते हैं। संवाद
अब तक 7000 मरीजों की जांच हुई
इटावा। जिला अस्पताल में आयुष विभाग में खांसी, जुकाम और बुखार के 427 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। अब तक इस तरह के कुल 7000 हजार मरीजों की थर्मल स्कैनर से जांच हो चुकी है।
बुधवार को डा. रिचा चौधरी, डा. सोनाली विश्वास, डा. आलोक तथा डा. प्रशांत मिश्रा ने मरीजों की जांच की। फार्मासिस्ट प्रमोद शर्मा ने लोगों को सावधानी बरतने तथा दूरी बनाकर रहने की सलाह दी। दिनेश यादव, प्रेमचंद्र, अंकिता यादव, सलमान आदि ने लोगों को न घबराने तथा घर से ज्यादा न निकलने को कहा। संवाद