इटावा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के हरदासपुर गांव में सोमवार की सुबह चाची-भतीजे के शव एक पेड़ और एक साड़ी से फांसी पर लटकते मिले हैं। दोनों बांदा के रहने वाले थे और यहां पूर्व जिला पंचायत सदस्य के ईंट-भट्ठे में काम के लिए करने आए थे।
पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम को भेज दिया है। बांदा के बिसंड़ा थाना क्षेत्र के अलिया गांव निवासी संतोष अहिरवार पत्नी पुष्पा (32), भतीजे रोहित (18) के साथ सिविल लाइन क्षेत्र के हरदासपुर गांव स्थित पूर्व जिला पंचायत सदस्य आशीष राजपूत के बाबा लोधेश्वर ईंट भट्ठे में काम करने के लिए 12 नवंबर को आए थे।
रोहित के बहनोई रघुवीर भी पत्नी के साथ के काम करने आया। रघुवीर ने बताया कि पुष्पा और रोहित में प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी किसी को जानकारी नहीं थी। 30 नवंबर की रात पुष्पा व रोहित दोनों ईंट-भट्ठा से भाग गए थे।
तब से दोनों को कोई अता-पता नहीं था। संतोष व परिवार के अन्य लोगों ने रोहित का मोबाइल मिलाया, लेकिन वह स्विच ऑफ बताता रहा। तीन दिसंबर को रोहित ने संतोष को फोन कर बताया कि वह चाची के साथ है।
पैसा खर्च होने के बाद किराया नहीं बचा है। काम करके किराए के पैसा जुटाने के बाद दोनों लोग ईंट-भट्ठा पर आ जाएंगे। संतोष ने भी रोहित व पुष्पा को भरोसा दिया था कि तुम लोग आ जाओ, बैठकर बात कर लेंगे।
उसके बाद सभी दोनों के लौटने का इंतजार कर रहे थे। सोमवार की सुबह मजदूरों ने ईंट पाथने का काम कर थे। उसी दौरान ईंट-भट्ठा के कुछ दूर स्थित एक खेत में पेड़ पर एक युवक व युवती का शव फांसी पर लटका होने को लेकर ग्रामीणों ने शोर मचाया।
सूचना पर रघुवीर मौके पर पहुंचे। वहां एक ही साड़ी से रोहित व पुष्पा फांसी पर लटक रहे थे। रघुवीर की सूचना वर पुलिस पहुंची और पड़ताल की। उसके बाद एसएसपी जय प्रकाश सिंह, एसपी सिटी कपिल देव और सीओ राजीव प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
एसएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि चाची-भतीजे के बीच संबंध थे। दोनों 30 नवंबर को भाग गए थे। दोनों ने प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की है।
अलग होने के डर से उठाया आत्मघाती कदम
रोहित और उसकी चाची पुष्पा के बीच चल रहे प्रेम प्रसंग की भनक किसी को नहीं थी। दोनों जब भी मिलते थे, अदब करते थे। बांदा में संतोष और रोहित के पिता गयादीन अलग-बगल परिवार के साथ रहते हैं।
दोनों में गहरी पटती है, दोनों को एक-दूसरे के घर आना है। इसलिए संतोष भतीजे रोहित को लेकर ईंट-भट्ठा में काम करने के लिए अपने साथ इटावा ले आया था। पुष्पा व रोहित के एक साथ भागने के बाद दोनों परिजनों को उनके प्रेम प्रसंग का पता चला।
दो हजार लेकर गई थी पुष्पा
पुष्पा बैग में अपने व रोहित के कपड़े व दो हजार रुपये रखकर ले गई थी। यहां से भागने के बाद दोनों कहां गए, कहां रुके। इसका पता लगाने लिए परिजन परेशान थे।
दो दिन बाद रोहित ने संतोष को मोबाइल से फोन किया, तो संतोष के पूछने पर भी नहीं बताया कि वह और पुष्पा कहां हैं। बस इतना कहा कि हम लोग बहुत दूर हैं। किराये व खाने में पैसा खर्च हो गया है।
हम लोग कहीं काम करके किराये के पैसों का इंतजाम करके लौट आएंगे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रविवार को रोहित ने फोन कर संतोष से कहा कि वह पुष्पा लेकर फतेहपुर बिदंकी में बुआ के घर पहुंचेगा।
इसलिए संतोष भी रविवार को बहन के घर फतेहपुर चला गया। पुलिस का मानना है कि पुष्पा और रोहित को बदनामी के साथ अलग रहने का डर सता रहा था। इसलिए दोनों ने आत्मघाती कदम उठाया।
पेड़ पर लटका मिला बैग
पुष्पा का बैग भी उसी पेड़ पर लटका मिला, जिससे दोनों ने एक साथ फांसी लगाई थी। पुलिस ने शवों के साथ बैग को भी पेड़ से उतरवाया। बैग में पुष्पा के कपड़े व कुछ और सामान के साथ ही उसका व संतोष का कोर्ट मैरिज का प्रमाणपत्र भी रखा था।
रोहित का मोबाइल भी पुष्पा के पास मिला। पुलिस ने बैग व मोबाइल पुष्पा के बच्चों को सौंप दिया।
आठ भाई-बहनों में सबसे छोटा था रोहित
रोहित के परिवार में माता-पिता के अलावा आठ भाई और बहनें हैं। इनमें रोहित सबसे छोटा था। इस वजह से वह अपने परिवार के साथ ही संतोष का भी चहेता था। वह संतोष के घर भी काफी आता-जाता था। उसी दौरान उसकी चाची से करीबी हो गई।
दोपहर बाद लौटा संतोष, मचा कोहराम
पत्नी पुष्पा व भतीजे रोहित के आत्महत्या करने की सूचना पर संतोष फतेहपुर से इटावा दोपहर बाद पहुंचा। पोस्टमार्टम हाउस में वह पत्नी व भतीजे के शव देख फफक पड़ा। देर शाम रोहित के परिजन भी यहां आ गए।
दुखी परिजनों को भट्ठे के कर्मियों ने सांत्वना देकर शांत कराया। घटना की रिपोर्ट रोहित के बहनोई रघुवीर की तरफ से पुलिस ने दर्ज की है।