जसवंतनगर/सैफई। इटावा-मैनपुरी मार्ग पर नौ मार्च को डीसीएम व कार की भिड़ंत में घायल एक और फोटोग्राफर ने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया। सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज हो रहा था। इस हादसे में अब तक आठ मौतें हो चुकी हैं। फोटोग्राफर के शरीर की कई हड्डियां टूट गईं थीं और सिर में भी गंभीर चोट लगी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया।
बता दें कि जसवंत नगर राधिका स्टूडियो के दस फोटोग्राफर नौ मार्च को एक कार से मैनपुरी जिले में एक सगाई कार्यक्रम में जा रहे थे। सैफई थाना क्षेत्र के नगला राठौर गांव के पास टायर फटने से कार पलटते हुए उल्टी दिशा में चली गई थी। इससे सैफई की तरफ से आ रही डीसीएम और कार में भिड़ंत हो गई। मौके पर ही छह लोगों ने दम तोड़ दिया था।
अगले दिन इलाज के दौरान एक की मौत हुई। अब शनिवार सुबह एक और फोटोग्राफर जसवंतनगर कस्बे के लुधपुरा मोहल्ला निवासी रमन शाक्य पुत्र शिव कुमार शाक्य ने भी दम तोड़ दिया। अभी इस दुर्घटना में घायल फोटोग्राफर अमन कुमार और रॉकी की हालत गंभीर बनी है। उनका सैफई मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में इलाज हो रहा है।
12 अप्रैल को थी रमन की शादी
रमन शाक्य की शादी 12 अप्रैल को होनी थी। पिता शिवकुमार शाक्य पहले ही दिवंगत हो चुके हैं। अपने तीन भाइयों में वह सबसे छोटा था। अपनी इकलौती बहन और मां का वह भरण पोषण करता था। कई वर्षों से वह फोटोग्राफरी पेशे में था। चाचा सतीश शाक्य और परिजनों के विलाप से लधूपुरा में गम का माहौल है।
सीएमओ ने भेजा शव के लिए वाहन
रमन की मौत के बाद उसके परिजनों के पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वह रमन का शव घर ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था कर सके। सैफई मेडिकल कालेज के शवगृह के पास खड़े लोग आपस में बात कर रहे थे कि आज इस पीड़ित परिवार के पास इतने भी रुपये नहीं है जिससे शव उसके घर तक पहुंचाया जा सके।
इस दौरान कुछ लोगों ने सीएमओ को मामले से अवगत कराया, जिसके बाद सीएमओ ने सरकारी एंबुलेंस भेजकर रमन के शव को उसके घर पहुंचाया।