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हादसे में घायल एक और की मौत

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चकरनगर। थाना क्षेत्र के डिभोली में यमुना नदी के पुल पर शुक्रवार को हुई बाइक और वैन की भिड़ंत में और एक घायल की मौत हो गई। मरने वाले युवक बाइक पर सवार था।
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शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद तीन दोस्तों के शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। तीनों के परिजन के अपने लाड़ले के शव से लिपट कर बिलख पड़े। दुखी परिजनों को रोता देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी छलक पड़ी।
देखते ही देखते पूरा माहौल गमगीन हो गया। तीनों दोस्तों के शव यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। बाद में तीनों दोस्तों का यमुना नदी के किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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यमुना नदी के डिभोली पुल पर शुक्रवार की सुबह तेज रफ्तार बाइक व वैन में आमने-सामने भिड़ंत हो गई थी। हादसे में बाइक चला रहे चकरनगर क्षेत्र के ही नगला जोर गांव निवासी अभिषेक की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि उसके दोस्त अनिकेत की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
शनिवार को आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती विवेक (17) की भी मौत हो गई। हादसे में घायल वैन चालक लखना बकेवर के शिवा दिवाकर और खुद का इलाज कराने के लिए आगरा जा रहे बकेवर के ही पुरावली दरवाजा लखना निवासी हरिओम व बाइक पर सवार आनंद का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक, अनिकेत और विवेक के शव गांव पहुंचे, तो तीनों के परिजन दहाड़े मार कर रो पड़े। सभी अपने-अपने लाडले से लिपट गए। देखते ही देखते पूरा माहौल गमगीन हो गया।
वहां मौजूद लोगों के आंखें छलक उठी। रिश्तेदारों व गांव के लोगों ने किसी तरह तीनों दोस्तों के दुखी परिजनों को संभाला। अनिकेत, अभिषेक व विवेक के घर की महिलाएं कई बार बेहोश हो गईं।
रिश्तेदारों के मुंह पर पानी की छींटे डालने पर होश आया, तो वह फिर सुबकने लगीं। उसके बाद तीनों दोस्तों की शव यात्रा बारी-बारी से उनके घरों से निकली, तो एक बार फिर पूरा माहौल गम में बदल गया।
शव यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल रहे। अंतिम संस्कार के दौरान गांव से यमुना नदी के तट तक हर व्यक्ति गम में डूबा नजर आ रहा था। सभी के मुंह के एक ही बात निकल रही थी कि भगवान ने ये क्या किया।
एक साथ तीन घरों के चिराग बुझा दिए। अनिकेत व अभिषेक का अंतिम संस्कार शनिवार की सुबह करीब नौ बजे हुआ, जबकि विवेक का क्रियाकर्म शाम को किया गया।
ग्राम प्रधान का भाई था विवेक
सड़क हादसे में जान गंवाने वाला विवेक गांव के प्रधान विपिन को छोटा भाई था। विवेक का व्यवहार ऐसा था कि विपिन से ज्यादा गांव के लोग विवेक की बात मानते थे। विवेक के व्यवहार से ही गांव के लोगों ने वोट देकर विपिन को प्रधान बनाया है।
घरों में नहीं जले चूल्हे
गांव के तीन युवकों की एक साथ हुई मौत ने उनके परिवार को ही नहीं, बल्कि आसपास के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है। स्थिति यह रही गांव में दिनभर मातम छाया रहा।
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लोग आपस में तीनों की दोस्ती और व्यवहार को लेकर बातचीत करते रहे। कई घरों में चूल्हे नहीं जले। रिश्तेदारों ने अपनों के घरों में खाना व चाय-नाश्ता भेजा।
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