इटावा। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान 13 सरकारी कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से जान गई थी, जबकि मरीजों की देखभाल में लगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता समेत दो लोगों की मौत भी हुई थी। शासन की ओर से इन सभी को आर्थिक मदद की धनराशि जारी कर दी गई है।
अप्रैल 2021 में प्रदेश में पंचायत हुए थे। इसमें मतदान व मतगणना समेत अन्य चुनावी कार्यों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। ड्यूटी के दौरान कई विभागों के 13 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुई थे। बाद में उनकी मौत हो गई थी।
शासन की गाइडलाइन के मुताबिक, इन कर्मचारियों की पंचायत चुनाव ड्यूटी के एक महीने के भीतर मौत हुई थी। इसकी सूचना शासन को भेजी गई थी। एडीएम जय प्रकाश ने बताया कि कोरोना से जान गंवाने वाले 13 कर्मचारियों के लिए शासन ने 30-30 लाख रुपये आर्थिक सहायता की राशि जारी की।
इसमें से 12 मृतकों के आश्रितों के बैंक खातों में 30-30 लाख रुपये की धनराशि पहुंचा दी गई है। एक मामले में पारिवारिक दिक्कतों के कारण धनराशि अभी नहीं दी गई है।
एडीएम के मुताबिक, सैफई के गीजा गांव निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता राठौर और बसरेहर के ग्राम पंचायत अधिकारी विशाल श्रीवास्तव की ड्यूटी कोरोना संक्रमितों की देखरेख को सैंपल संकलित करने में लगाई गई थी।
ड्यूटी के दौरान दोनों संक्रमित हो गए थे। बाद में दोनों की मौत हो गई थी। इन दोनों के आश्रितों के लिए शासन ने 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की धनराशि जारी कर दी है। दोनों के आश्रितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।