चकरनगर (इटावा)। सहसो थाना क्षेत्र के कोला गांव में ग्रामीण की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने घर के बाहर शव रखकर हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंचे एएसपी और सांसद के समझाने के बाद ग्रामीण माने और शाम करीब साढे़ चार बजे शव का अंतिम संस्कार किया।
विधानसभा चुनाव के मतदान के दिन 20 फरवरी को कोला गांव में भाजपा के बूथ एजेंट जितेंद्र सिंह परिहार और सपा के बूथ एजेंट जनवेद सिंह में विवाद हो गया था। जनवेद ने जितेंद्र के खिलाफ एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करवाया था। इससे जितेंद्र के पिता राम प्रताप सिंह परेेशान थे। बुधवार को वह जनवेद से राजीनामा करने के लिए घर से निकले थे। शाम को उनका शव गांव के बाहर पेड़ से लटका मिला था। बुधवार को परिवार के परमाल सिंह उर्फ भूरे सिंह ने जनवेद और पांच अज्ञात लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा। परिजनों ने घर के दरवाजे पर शव रख कर हंगामा शुरू कर दिया। परमाल सिंह का आरोप था कि पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज होने के बाद भी नामजद को गिरफ्तार नहीं किया है और ना ही अज्ञात लोगों के नाम खोले हैं। जबकि सभी के नाम बता दिए गए थे। मिलीभगत का आरोप लगाकर सहसो थाना प्रभारी और बिंडवा चौकी इंचार्ज विश्वनाथ मिश्रा को हटाने की मांग की।
सूचना पर पहुंचे एएसपी ग्रामीण सतपाल सिंह ने आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। सांसद रामशंकर कठेरिया ने भी परिजनों को समझाया। इस पर शाम को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। उप जिलाधिकारी चकरनगर मलखान सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी राकेश वशिष्ठ, नायब तहसीलदार संदीप सिंह के अलावा सर्किल के पास स्थानों की पुलिस बल मुस्तैद रहा।