इटावा। मारपीट के एक मामले में एसीजेएम कोर्ट ने बुधवार को 27 साल बाद फैसला सुनाया। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देकर छह माह की सजा सुनाई गई। फैसले के बाद कोर्ट ने बीस हजार रुपये के निजी मुचलके पर दोषी को छोड़ दिया। उसे शांति पूर्ण ढंग से सदाचारी रहने और कोर्ट के बुलाने पर हाजिर होने का आदेश दिया गया है।
सहायक अभियोजन अधिकारी प्रभात श्रीवास्तव ने बताया कि सहसों थाना क्षेत्र के गांव प्रेम का पुरा निवासी शिवराम सिंह 18 अक्टूबर 1997 को अपने खेत जा रहे थे। आरोप लगाया था कि रास्ते में राजवीर, रामाश्रय, विश्राम सिंह, करन सिंह, विजय सिंह और रामकेश ने घेरकर मारपीट की। हमलावर लाठी-डंडों व रायफल लिए थे। लोगों के आने पर हमलावर जान की धमकी देकर भाग गए थे। मारपीट में शिवराम को चोटें आईं थी।
शिवराम की तहरीर पर पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने राजवीर सिंह व करन सिंह के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष पांडे की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान करन सिंह की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने राजवीर सिंह को दोषी करार दिया। उसे छह माह की सजा सुनाई गई है।