सैफई। एक हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। औरैया के थाना ऐरवाकटरा क्षेत्र से गुजरे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चार दिन पहले हुए हादसे में घायल महिला की भी बुधवार को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में मौत हो गई। हादसे में महिला के तीन बच्चों की पहले ही मौत हो चुकी है। अब परिवार में पति के अलावा कोई नहीं बचा। वह भी अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है।
बिहार के मधुबनी के थानाक्षेत्र लखनौर के पोनी गांव निवासी संजय (33) पत्नी पुनिया देवी (30) बेटे प्रिंस, कार्तिक व बेटी साक्षी के साथ निजी कार से 27 नवंबर को बिहार से गुरूग्राम हरियाणा जा रहे थे। संजय गुरूग्राम में प्राइवेट नौकरी करते हैं। कार मधुबनी निवासी सीताराम चला रहा था। औरैया के एरवाकटरा थानाक्षेत्र से गुजरे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 135 के पास कार आगे चल रहे डंपर में जा घुसी इसमें कार के परखचे उड़ गए थे। यूपीडा की एंबुलेंस से सभी घायलों को मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया था। वहां पर हादसे की रात ही प्रिंस, कार्तिक और साक्षी की मौत हो गई थी। बुधवार को पुनिया की भी मौत हो गई।
पूनिया देवी का पोस्टमार्टम के बाद इटावा में ही परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। मधुबनी से आए संजय के चाचा संतोष कुमार ने बताया कि अब अपने परिवार में अकेला संजय ही जीवित बचा है। वह भी मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर की चौथी मंजिल स्थित आईसीयू के बेड नंबर छह पर पड़ा जिंदगी के लिए जूझ रहा है।