इटावा। शासन ने अपात्रों को 31 मई तक स्वेच्छा से राशनकार्ड जमा करने के लिए समय दिया है। इसके बाद अभियान चलाकर जांच की जाएगी और अपात्र मिलने पर पहले लिए गए राशन की रिकवरी होगी। किंतु पूर्ति कार्यालय ने अभी तक ऐसी कोई सूचना जारी नहीं की है। इससे कार्ड सरेंडर करने की गति धीमी है। पूर्ति कार्यालय में कार्ड सरेंडर करने वालों से ज्यादा जानकारी करने वालों की भीड़ लग रही है। अभी तक 100 लोगों ने ही स्वेच्छा से राशनकार्ड जमा किए हैं।
जिले में 252671 पात्र गृहस्थी और 46078 अंत्योदय राशन कार्ड बने हैं। कोरोना काल में मुफ्त राशन वितरण शुरू होने पर पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों की संख्या बढ़ गई। 50 हजार से अधिक नए राशनकार्ड बनवाए गए। कार्डधारकों में बड़ी संख्या में अपात्र भी हैं। अब शासन ने अपात्र कार्ड धारकों के साथ सख्ती शुरू कर दी है। 31 मई 2022 तक अपात्रों को राशनकार्ड जमा करने के आदेश आए हैं। इसके बाद लिए गए राशन की रिकवरी की जाएगी। हालांकि जिला पूर्ति कार्यालय में ऐेसी कोई सूचना चस्पा नहीं की गई है। कार्ड सरेंडर करने आने वाले लोग परेशान हैं। आवेदन कैसे भरना है और कहां जमा करना है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं मिल पा रही है।
प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी और एआरओ हाकिम सिंह ने बताया कि राशनकार्ड जमा करने के लिए कार्डधारक को प्रार्थनापत्र के साथ, राशनकार्ड और आधारकार्ड की छायाप्रति लगानी होगी। प्रार्थनापत्र में स्वेच्छा से कार्ड जमा करने की बात भी लिखनी जरूरी है। 31 मई के बाद जांच अभियान चलाया जाएगा। अपात्र मिलने पर लिए गए राशन की रिकवरी की जाएगी।
बेटे की नौकरी लगी तो जमा किया राशनकार्ड
नगला खरगौली के अमरेश बाबू ने पत्नी शशिप्रभा के नाम से बना राशनकार्ड जमा किया। उन्होंने बताया कि बेटे की नौकरी लग गई है, इसलिए अब उनका परिवार पात्रता सूची से बाहर हो गया है। कटरा शमशेर खां निवासी वरुण कुमार ने गुरुवार को मां माता सरोज देवी के नाम पर जमा राशनकार्ड जमा किया। उन्होंने बताया कि घर में इसी महीने एसी लगा लिया है, इसलिए राशन कार्ड जमा करने आए हैं।
इनसेट
ये लोग हैं राशनकार्ड के लिए अपात्र
1- अगर घर में एयर कंडीशनर (एसी) है।
2- अगर परिवार में चार पहिया वाहन है।
3- परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता है।
4- शहर में 80 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया का मकान है।
5- शहरी क्षेत्र में परिवार की वार्षिक आय तीन लाख और ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख से अधिक है।