इटावा। छोटी बेटी माया को मौत के घाट उतारने के बाद विमला ने दामाद के साथ मिलकर अपने तीनों बेटों को भी मारने की योजना बनाई थी। विमला के पुत्र हिम्मत (14) ने इकदिल थाने में यह बात बताई। हिम्मत ने बताया कि बहन की मौत के बाद मां व जीजा ने उसे व उसके छोटे भाई अर्जुन व मंगल की भी हत्या की योजना बनाई थी। यदि वह तीनों भाई गुरुवार की सुबह बने खाने को खा लेते तो उनकी भी मौत हो जाती। खाने में मां व जीजा ने जहर मिला दिया था।
चंद्रशेखर की दो पत्नियां पहले मर चुकी हैं
इटावा। चंद्रशेखर अपनी साली माया से तीसरा ब्याह करना चाहता था। करीब 12 साल पहले उसकी शादी शिकोहाबाद के मोहल्ला कटरा मीरा निवासी सुरेश की बेटी पप्पी से हुई थी। चार साल बाद पप्पी की बीमारी के चलते मौत के बाद उसने दूसरी शादी सात वर्ष पहले विमलादेवी की पुत्री रजनी के साथ की। अक्टूबर 2010 में रजनी की बीमारी के चलते मौत हो गई। रजनी से चंद्रशेखर को एक पांच वर्षीय बेटा हिमाचल भी है। नानी व पिता के हत्या के मामले में फंसने से अब उसकी परवरिश कौन करेगा, यह लोगों में चर्चा का विषय है।
सास व दामाद में था प्रेम प्रसंग
इटावा। पत्नी रजनी की मौत के बाद चंद्रशेखर की सास विमला से नजदीकियां बढ़ गईं थीं। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम प्रसंग हो गया। इस बात की जानकारी बेटी माया को भी थी। चंद्रशेखर की इच्छा एवं दामाद घर में ही रहे इस कारण विमला बेटी माया (16) के साथ शादी कराने को तैयार हो गई। लेकिन माया ने उम्रदराज जीजा के साथ शादी करने से इंकार कर दिया। साथ ही उसे मां और जीजा के बीच रिश्तों का भी पता था। यह बात खुद चंद्रशेखर ने ही थाने में कबूल की है।