बसरेहर। प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूलों का कायाकल्प किया गया, लेकिन जिले के कई स्कूल ऐसे हैं, जिनके भवनों की हालत खराब है। बसरेहर विकासखंड के खुड़ीसर ग्राम पंचायत का मजरा लोकनाथपुर प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर हालत में है।
इसी स्कूल में आंगनबाड़ी केंद्र भी है। केंद्र और प्राथमिक स्कूल के मिलाकर 125 बच्चे पढ़ने आते हैं। ग्राम पंचायत खुड़ीसर के मजरा लोकनाथपुर में बने प्राथमिक विद्यालय में चार कमरे हैं। इन चार कमरों की स्थिति खराब है।
इन्हीं कमरों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होता है। आंगनबाड़ी केंद्र में 84 बच्चे पंजीकृत हैं। भवन के दरवाजे, खिड़की सभी टूटे हुए हैं। दीवारों का प्लास्टर टूट-टूटकर गिरता है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रामलली ने बताया कि मौसम खराब होने पर बच्चों की छुट्टी कर दी जाती है। बताया कि दो कमरे में ठाक हैं, उसमें प्राथमिक स्कूल के बच्चे पढ़ते हैं। इनकी संख्या 47 है।
आंगनबाड़ी केंद्र के पंजीकृत बच्चों के लिए कोई सुविधा नहीं है, जहां बच्चों को बैठाकर उन्हें पढ़ाया जा सके। कई बार शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
जर्जर भवन में बच्चों को बुलाने में डर लगता है, लेकिन मजबूरी के चलते उन्हें बुलाना पड़ता है। स्कूल की मुख्य शिक्षिका सुषमा ने बताया कि स्कूल में चार कमरे हैं।
दो कमरों की हालत बहुत खराब है। इसको लेकर कई बार प्रधान से लेकर जिला स्तरीय अफसरों को अवगत कराया जा चुका है। ग्राम पंचायत सचिव अर्चना यादव ने कहा कि उन्होंने स्कूल का प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।