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गोशाला में 20 गोवंशों की मौत

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इटावा। बसरेहर विकासखंड क्षेत्र की सबसे बड़ी गोशाला परौली रमायन में 20 गायों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। शनिवार की दोपहर करीब दो बजे ग्रामीणों ने जानकारी दी, तो कुछ लोग वहां पहुंचे तो वहां हालात बेहद भयावह थे।
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अनदेखी की वजह से 11 गोवंश अपने जीवन की अंतिम घड़ियां गिन रहे हैं। गोशाला में गोवंशों के शव पुराने बताए जा रहे हैं। गोशाला में फिलहाल 363 गोवंश हैं।
बसरेहर क्षेत्र की परौली रमायन गोशाला में पांच महीने पहले तक बारह सौ से अधिक गोवंश थे, लेकिन अनदेखी से गोशाला दुर्दशा की शिकार हो गई है। उचित देखभाल के अभाव में यहां गोवंश प्रतिदिन तड़प-तड़पकर दम तोड़ रहे हैं।
अभी हाल ही में 20 गोवंश की मौत हो चुकी है और 11 गोवंश तड़प रहे हैं। इनकी भी किसी भी समय मौत हो सकती है। गोशाला में गोवंश को बेहद खराब हालत में रखा गया, जो गोवंश कमजोर और बीमार हैं उनकी आंखें कौवे नोचकर ले जा रहे हैं।
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गोवंशों के शवों को कुत्ते नोच रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जितने गोवंश आज इस गोशाला में जिंदा हैं उससे अधिक तो नीचे दफनाए जा चुके हैं। आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि मृतक गोवंश को रात के अंधेरे में जेसीबी के माध्यम से गोशाला के अंदर ही दफना दिया जाता है।
गोवंशों को सिर्फ सूखा भूसा खिलाया जा रहा है, वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलता, जिसकी वजह से उनकी दुर्दशा हो गई है। गोशाला के अंदर कुत्तों का झुंड घूमता रहता है।
कर्मचारी उन्हें भगाने का भी प्रयास नहीं करते। गोशाला में पड़े मृतक गोवंश के शव को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा जैसे इनकी मौत चार से पांच दिन पहले हो चुकी है, लेकिन उन्हें हटाया नहीं गया है।
कुछ गोवंशों के शव को गोशाला के अंदर ही गड्ढा खोदकर खुले में डाल दिया गया है। इन गड्ढों में बरसात की वजह से पानी भर गया है, इससे शवों में सड़ांध पैदा हो गई है।
इस मामले में अधिकारियों को भी जानकारी है, लेकिन वे कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। गोशाला के कर्मचारियों को भी मुंह बंद रखने की हिदायत दी गई है। इस मामले में एसडीएम सदर राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है, इसकी जांच की जा रही है।
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