इटावा। शनिवार को बदली के बीच दिन में कई बार हुई हल्की बारिश और तेज ठंडी हवाएं चलने से सर्दी का व्यापक असर देखने को मिला। करीब चौदह किलोमीटर की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने से ठंड और बढ़ गई।
इससे लोग घरों में दुबके रहे। ठंड का असर कारोबार पर भी पड़ा। बूंदाबांदी की वजह से लोगों को मुश्किलों को सामना करना पड़ा। शनिवार को न्यूनतम तापमान पिछले दिन की तरह 13 डिग्री पर ही बरकरार रहा, जबकि अधिकतम तापमान शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को दो डिग्री अधिक दर्ज किया गया।
बारिश का सबसे ज्यादा असर शहर में लगी प्रदर्शनी पर पड़ा। शनिवार को महीने का दूसरे शनिवार का अवकाश के बावजूद खराब मौसम की वजह से दोपहर में भीड़ नदारद रही।
कम संख्या में लोग प्रदर्शनी में घूमते नजर आए। रोजाना की तरह से सड़कों पर भी लोगों की आवाजाही कम देखने को मिली। इस वजह से दुकानदार चिंतित रहे। खेल तमाशों के ठेकेदार टीपू यादव ने बताया कि खराब मौसम की वजह से खेल तमाशों खासकर झूलों पर काफी असर पड़ा।
बारिश की वजह से इंद्रा चौक में दिल्ली से आए गर्म कपड़ों के दुकानदार गुड्डू की पक्की दुकान बारिश की वजह से टपक रही थी। कपड़ों को खराब होने से बचाने के लिए पॉलिथीन से उसे ढक दिया था।
बच्चा पार्क बाजार में लगी दुकानों के दुकानदार कच्ची सड़क पर भरे पानी की वजह से ग्राहकों को आने में हो रही परेशानी से परेशान रहे। खिलौने के दुकानदार सुल्तान ने बताया कि दुकान के सामने पानी भरा है, इस वजह से ग्राहक कम संख्या में आ रहे हैं।
प्रदर्शनी परिसर में आयुष विभाग की ओर से लगाए गए चिकित्सकीय शिविर में लगे कैंप में रखी आयुर्वेदिक दवाओं को भीगने से बचाने के लिए कैंप के अंदर पॉलिथीन ताननी पड़ी।
हालांकि, दवाएं डिब्बों में पैक होने की वजह से दवाइयां खराब होने से बच गईं। उपस्थित कर्मचारी सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कई और भी कैंप लगे हैं।
अपने कैंप में आयुर्वेद दवाओं को बचाने के लिए कैंप के अंदर पॉलिथीन तान रखी है। ठंड के मौसम में लोग घरों से तो नहीं निकले, लेकिन समौसा-कचौरी, गाजर का हलवा, गजक आदि की बिक्री बढ़ गई।
लोगों ने बारिश में समोसों आदि का आनंद उठाया। हीरालाल स्वीट्स के संचालक ने बताया कि रोज की अपेक्षा दो दिन से बिक्री में इजाफा हो गया है। लोग समौसा-कचौरी का आनंद उठाने दुकान पर तो नहीं आ रहे, पर पैक कराकर घर जरूर ले जा रहे हैं।
इसके अलावा तिल के लड्डू, रेबड़ी, गजक आदि की भी बिक्री बढ़ गई है।
भीगने से बचें, बुजुर्ग देर से निकलें
जिला अस्पताल में फिजीशियन डॉ. शांतनु निगम ने कहा कि इस बेमौसम बारिश में भीगने से बचें। बारिश में जरूरी होने पर ही निकलें। यदि मजबूरी में निकल रहे हैं, तो अपने पूरी तरह से कवर करके ही निकलें।
कहा कि बुजुर्गों को सुबह टहलने की आदत होती है, लेकिन इस सर्दी में बचाव जरूरी है। बुजुर्ग टहलने यदि निकलें तो थोड़ी देर से निकलें।
देर शाम जसवंतनगर में गिरे ओले
जसवंतनगर। इलाके में शनिवार की देर शाम बारिश संग ओलावृष्टि हुई। कई गांवों से बड़े-बड़े ओला गिरने और उससे फसल को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है। नगर में भी दो सेंटीमीटर बड़े ओले पांच मिनट तक बरसते रहे।
ओलावृष्टि लगभग सात बजे हुई। ओलावृष्टि से किसानों में चिंता व्याप्त हो गई है। प्रतापपुरा, नगला इच्छा, निलोई आदि में ओलावृष्टि की सूचना देते हुए किसान नेता अशोक क्रांतिकारी ने बताया कि सरसों की फसल को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
40 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित
महेवा। कस्बा एवं ग्रामीण अंचलों में बुधवार की शाम से रुक-रुक कर हुई बारिश से विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। कस्बा समेत ग्रामीण क्षेत्रों में 40 घंटे बीतने के बाद भी आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है।
बिजली आती भी है तो 10-15 मिनट में ही फाल्ट हो जाता है। भरथना से महेवा को आने वाली विद्युत लाइन की हालत खराब है। थोड़ी सी बारिश में ही फाल्ट हो जाता है।
महेवा विद्युत उपकेंद्र से संबंधित इकनोर फीडर के आनेपुर, उझियानी, गौतमपुर, नगला शुक्ल, सराय नरोत्तम, फतेहपुरा, रजपुरा, नगला चंदी, हरचंदी सहित करीब 50 गांवों में अंधेरा है। लोगों को पानी और मोबाइल चार्ज करने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।