अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार इस बार हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं नए प्लान के साथ कराने की तैयारी कर रही है। इस बार एक परीक्षार्थी को एक से अधिक केंद्रों पर परीक्षा देनी पड़ सकती है। इसके चलते भले ही अनिवार्य विषयों के लिए केंद्रों की संख्या अधिक रहेगी लेकिन वैकल्पिक विषयों की परीक्षा के लिए केंद्रों की संख्या घट जाएगी। बोर्ड ने केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया को अपने हाथों में ली है। केंद्र निर्धारण के लिए जिले के सभी विद्यालयों का खाका बोर्ड ने ऑनलाइन ले लिया है।
अभी तक यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में एक परीक्षार्थी को सभी विषयों की परीक्षा एक ही केंद्र पर देनी होती थी। फलस्वरूप नकल माफिया संबंधित परीक्षा केंद्र से साठ-गांठ करके अपने उद्देश्य की पूर्ति कर लेते थे। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद आई भाजपा सरकार के इस कार्यकाल की वर्ष 2018 की बोर्ड परीक्षा पहली होगी। हालांकि यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही वर्ष 2017 की परीक्षा हुई थी लेकिन उस परीक्षा की सभी तैयारियां सपा सरकार में ही हुई थीं। इसलिए इस बार की बोर्ड परीक्षा यूपी सरकार पूरी तैयारियों के साथ नकलविहीन कराने के लिए योजना बना रही है।
सूत्रों के अनुसार इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में एक परीक्षार्थी को एक से अधिक केंद्रों पर परीक्षा देनी पड़ सकती है। कहने का तात्पर्य है कि जिस केंद्र पर छात्र अनिवार्य विषय की परीक्षा देगा तो अन्य सभी वैकल्पिक विषयों की परीक्षा उसी केंद्र पर देने का अवसर अब उसे नहीं मिलेगा। बल्कि अन्य वैक ल्पिक विषयों की परीक्षा देने के लिए उसे विभिन्न केंद्रों पर जाना पड़ सकता है। सूत्र बताते हैं कि अनिवार्य विषयों के परीक्षा केंद्रों की संख्या तो अधिक होगी पर वैकल्पिक विषयों के लिए परीक्षा केंद्र की संख्या कम होगी। वैकल्पिक विषय की परीक्षा के लिए कम परीक्षार्थी वाले केंद्रों के परीक्षार्थियों को निकटवर्ती अधिक परीक्षार्थी वाले केंद्रों पर स्थानांतरित किए जाएंगे। डीआईओएस देवेंद्र प्रकाश ने बताया कि एक परीक्षार्थी को एक से अधिक केंद्रों पर परीक्षा देने के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनसे ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए जिले के सभी विद्यालयों की ऑनलाइन जानकारी देने को कहा गया था। सभी विद्यालयों ने ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध करा दी है।
एप के जरिए ली गई विद्यालयों की दूरी की स्थिति
बोर्ड ने परीक्षा केंद्राें के निर्धारण की व्यवस्था ऑनलाइन की है। इसके तहत जिले के सभी विद्यालयों का खाका ऑनलाइन मांग लिया है। विद्यालय कहां है और उसके निकटवर्ती कितनी कितनी दूर पर कौन कौन से विद्यालय है। इसकी जानकारी एक एप के माध्यम से ली गई है। उस एप के माध्यम से विद्यालय के मध्य खड़े होकर विद्यालय से संबंधित सभी सूचनाएं मांगी गई। इससे विद्यालय की स्थिति और आसपास के विद्यालयों की स्थिति व दूरी की जानकारी बोर्ड को हुई। इसका उद्देश्य भी यही लगता है कि छात्र को एक केंद्र परीक्षा देने के बाद दूसरे विषय की परीक्षा के लिए किस केंद्र पर उसक ो भेजा जा सकता है।
बदलेगा प्रवेश पत्र
सूत्र बताते हैं कि एक परीक्षार्थी को एक से अधिक केंद्र पर परीक्षा दिलाने के प्लान के तहत प्रवेश पत्र भी बदलेगा। अब प्रवेश पत्र सीबीएसई बोर्ड की भांति होगा। पहले प्रवेश पत्र में अनुक्रमांक व केंद्र की जानकारी रहती थी। अब अनुक्रमांक के साथ-साथ दिन, तारीख, समय, विषय के आगे अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का जिक्र होगा। अर्थात जिस दिन जिस विषय की परीक्षा होगी। उसके सामने ही परीक्षा केंद्र का नाम लिखा होगा।
- एक परीक्षार्थी एक से अधिक केंद्रों पर देगा परीक्षा
- बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने को सरकार बना रही योजना
- वैकल्पिक विषयों के लिए परीक्षा केंद्रों की घटेगी संख्या
- बोर्ड ने केंद्र निर्धारण के लिए विद्यालयों का खाका ऑनलाइन लिया