पुलिस के मुताबिक, उदयवीर ने कुछ दिन पहले करीब 15 लाख रुपये में अपना एक प्लॉट बेचा था। इस रकम को लेकर उसका पत्नी संगीता से विवाद चल रहा था। आठ सितंबर की रात इसी विवाद के चलते पत्नी ने अपने बेटे-बेटी व साथियों के साथ मिलकर उदयवीर की हत्या कर दी।
उदयवीर के सात-आठ दिन तक गांव नहीं पहुंचने पर भाई अजब सिंह को चिंता हुई। संगीता से पूछने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने नगर कोतवाली में तहरीर देकर भाई के साथ अनहोनी की आशंका जताई। पुलिस ने हत्या समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने पत्नी संगीता को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगल दी। पुलिस अब हजारा नहर में मृतक के शव की तलाश कर रही है। वहीं, पांचवें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
उदयवीर के शव की हजारा नहर में तलाश की जा रही है। पत्नी समेत अन्य आरोपियों को पकड़ लिया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। - कीर्तिका सिंह, सीओ सिटी
जिस बेटे को कमाने के लिए रिक्शा दिलाया, उसी ने पिता की जान ले ली
पिता ने बेटे को कमाने के लिए करीब एक साल पहले रिक्शा दिलाया था। उम्मीद थी कि बेटा मेहनत कर परिवार का सहारा बनेगा लेकिन रुपये के विवाद ने रिश्ते को ऐसा मोड़ दिया कि बेटे ने ही पिता की गला दबाकर हत्या कर दी। प्लाट बेचने से मिले करीब 15 लाख रुपये को लेकर चल रहे विवाद में मां, बहन और अन्य साथी को साथ लेकर वारदात की गई। हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने के लिए आरोपी कई घंटे तक नहरों के चक्कर काटते रहे। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को पकड़ा है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला हीरा नगर में किराये पर रह रहे उदयवीर का प्लाट के रुपये को लेकर पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी बीच आठ सितंबर की रात बेटे अंशुल ने मां संगीता, बहन और साथी चरण सिंह की मदद से पिता की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को ई-रिक्शा में रखकर ठिकाने लगाने के लिए निकल पड़े।
हत्या के बाद आरोपी पहले गांव छछैना स्थित नहर पर पहुंचे। वहां पुलिस की मौजूदगी देखकर शव को फेंकने की योजना बदल दी। इसके बाद वे अरथरा स्थित नहर पर पहुंचे और शव को उसमें फेंक दिया। पुलिस को मामले की जानकारी मिलने के बाद हजारा नहर में शव की तलाश कराई गई। पीएसी के गोताखोर भी लगाए गए।
पहले जहर देकर मारने की थी योजना
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी चरण सिंह करीब 14 साल से संगीता के संपर्क में था। संगीता ने उसे फोन कर जहर मंगाने को कहा था। हालांकि बाद में खुद फंसने के डर से उसने जहर नहीं दिया। इसके बाद व्हाट्सएप कॉल के जरिये हत्या करने और शव को ठिकाने लगाने के तरीके बताए गए। पुलिस के अनुसार इसके बाद हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया।