शनिवार को हुई बारिश के बाद रविवार को दूसरे दिन भी मौसम खराब रहा। सुबह से छाए रहे आसमान में काले बादलों और चलीं ठंडी हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। इससे लोगों का बुरा हाल है। अचानक तापमान में आई कमी से जनजीवन भी प्रभावित हो गया है। दूसरी ओर गरीब बेसहाराओं को ठंड से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने 15 लाख रुपये की धनराशि से चार हजार कंबल खरीदे हैं, जिन्हें तहसील वार बांटा जाएगा। साथ ही प्रत्येक तहसील प्रशासन को अलाव जलवाने के लिए 50-50 हजार रुपये दिए हैं।
रविवार को गलन के चलते लोग ठिठुरते नजर आए और ठंड से बचने के लिए पूरी तरह से गर्म कपड़ों में कैद दिए। दूसरी तरफ गरीब बेसहाराओं का बुरा हाल है। ठंड से बचने के लिए अलाव आदि की शरण में नजर आए। छुट्टी का दिन होने के चलते लोगों के साथ-साथ बच्चों ने भी अपने आप को घरों में कैद रखना उचित समझा। गांव देहात में किसानों ने अपने-अपने खेतों की ओर रुख किया। बारिश से फसलों को हुए फायदे से उनके चेहरे भी खिले दिखे। रविवार को भी तापमान शनिवार की तरह स्थिर रहा।
अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व राजेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशासन ने 15 लाख की धनराशि से चार हजार कंबल खरीदे हैं। रविवार रात तक एटा आ जाएंगे। 1400-1400 कंबल प्रत्येक तहसील को बांटे जाएंगे। साथ ही तीनों तहसीलों को अलाव जलवाने के लिए 50-50 हजार रुपये दिए गए हैं।
गिरे तापमान से फेल हुई विद्युत व्यवस्था
शनिवार की तेज बारिश के चलते गिरे तापमान से शहर की विद्युत व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। जगह-जगह तार टूटने व मशीनों में गड़बड़ी आने से आपूर्ति लोगों को पूरी तरह से नहीं मिल सकी।
पालिका ने नहीं किए सर्दी से बचाव के इंतजाम
इन दिनों सर्दी अपने पूरे शबाब पर है, लेकिन पालिका ने अभी तक गरीब बेसहाराओं के लिए रैन बसेरा और जगह-जगह अलाव जलवाने की कोई व्यवस्था नहीं की है। पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी का कहना है पालिका एक-दो दिन में बस स्टैंड पर रैन बसेरा बनवाएगी और अलाव जलवाए जाएंगे।