एटा। प्रदेश सरकार 14 सितंबर से 2 अक्तूबर तक स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम चला रही है, वहीं नगला पाती और नगला पुढियार गांव के हालात पूरी तरह इसके विपरीत हैं। गंदगी इस हद तक फैली हुई है कि यहां के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सरकारी अभियान, जो कि साफ-सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए चलाया जा रहा है, इन गांवों में बेअसर साबित हो रहा है।
ब्लॉक निधौली कलां की ग्राम पंचायत नगला पाती और नगला पुढियार के गलियों और नालियों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नगला पुढियार में गांव में घुसते ही गंदगी और जलभराव का सामना करना होता है। आलम यह है कि गंदगी से बचने के लिए लोगों ने रास्ते के किनारे मेड़ लगा ली है, इस पगदंड़ी से होकर ही पैदल लोग निकलते हैं।
वहीं ग्राम पंचायत सिराव के दूसरे गांव नगला पाती की बात की जाए तो रास्ते के नाम पर करीब 20 वर्ष पहले ईंट का खरंजा डाला गया था जो टूट चुका है। इससे ही लोग निकलने को मजबूर हैं। एक रास्ता कीचड़ से भरा पड़ा है, इससे निकलना मुश्किल हो जाता है। दोनों ही गांवों की हालत देखकर लग रहा है कि विकास के नाम पर जिम्मेदारों की ओर से छला जा रहा है।