एटा। 2017 के विधानसभा चुनाव हों या 2019 के लोकसभा के चुनाव, इस दौरान सदर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सबसे पीछे रहे। जिला मुख्यालय होने के बावजूद मतदाताओं की उदासीनता चौंकाने वाली थी। जबकि दोनों ही चुनावों में करीब 65 फीसदी मतदान के साथ जलेसर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने बाजी मारी।
अमूमन हर जिले की सियासत की तस्वीर उसके मुख्यालय से ही तय होती है। जहां से उस जिले के सभी विस क्षेत्रों के लिए संदेश तय होते हैं। मुख्यालय होने के नाते मतदाताओं के अधिक जागरूक होने की उम्मीद भी की जाती है, लेकिन पिछले दोनों बड़े चुनावों में एटा सदर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने यह परिपक्वता नहीं दिखाई। लोकसभा चुनाव 2019 और इससे पहले विधानसभा चुनाव 2017 में भी मतदान के मामले में यहां के मतदाता फिसड्डी रहे।
मतदान फीसदी
विस 2017 2019
जलेसर 65.84 65.62
अलीगंज 64.88 59.27
मारहरा 64.61 61.54
एटा 63.60 54.44
जागरूक बनें मतदाता, जरूर करें मतदान
लोकतंत्र के उत्सव में हमें मिला मतदान का अधिकार बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसका प्रयोग करने से कोई पीछे न रहे, इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। - जितेंद्र सिंह, जिला प्रभारी स्वीप
मतदान से हम लोकतंत्र को एक बेहतर रूप दे सकते हैं। अपने वोट से सही व योग्य व्यक्ति चुन सकते हैं, जो व्यवस्था को दुरुस्त कर विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। - प्रदीप रघुनंदन, जिला आईकॉन, स्वीप