जिला अस्पताल में टीकाकरण के लिए पुरुषों के साथ ही खड़े होने को मजबूर महिलाएं। संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। कोविड टीकाकरण के लिए बनाए गए बूथों पर बदइंतजामी हावी है। बुधवार को जिला महिला अस्पताल में महिलाओं की कतारों में कई पुरुष घुस आए और धक्का-मुक्की हो गई। जिससे महिलाओं के लिए असहज स्थिति बन गई। जिला अस्पताल में एक ही कतार में महिलाओं को पुरुषों के साथ खड़ा होना पड़ा। बूथों पर एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। जानकारी के बाद विभाग ने महिलाओं के लिए टोकन और पुलिसकर्मियों की तैनाती का इंतजाम करने के लिए कहा है।
महिलाओं को कोरोना टीकाकरण कराने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए शासन ने अलग से महिला बूथ बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग ने जिला महिला अस्पताल में महिला स्पेशल बूथ बनाया है, लेकिन यहां पुुरुष भी महिलाओं की कतार में घुसकर टीकाकरण कराने पहुंच जाते हैं। बुधवार को टीका पहले लगवाने को लेकर धक्का-मुक्की हुई। परेशान होकर कई महिलाएं व युवतियां कतार से बाहर निकल आईं। जबकि धक्का-मुक्की कर रहे पुरुषों को रोकने वाला वहां कोई नहीं था। ड्यूटी के तौर पर एक होमगार्ड मौजूद था, जिसकी सुनी नहीं जा रही थी। कुछ इसी तरह के हालात जिला अस्पताल में भी थे।
महिला अस्पताल परिसर में बनी मैटरनिटी विंग में महिला स्पेशल बूथ बनाया गया है। बुधवार को पुरुष भी टीकाकरण कराने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे और कतारों में घुस गए। हालत यह थे कि महिलाओं और युवतियों को स्पेशल बूथ पर भी असहजता का सामना करना पड़ रहा था।
जिला अस्पताल में बने बूथ पर महिलाएं व पुरुष दोनों टीकाकरण कराने पहुंचे, लेकिन उनकी कतारें अलग-अलग नहीं लगवाई गईं। एक ही कतार में महिलाएं पुरुषों के साथ खड़ी थीं। इस बीच टीका पहले लगवाने को लेकर धक्का-मुक्की हुई तो महिलाएं परेशान हो गईं। कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था।