एटा। अभी तक कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति का टीकाकरण कार्ड बनता था। अब यह बनना बंद हो गया है। कार्ड की जगह कागज का एक पर्चा दिया जा रहा है। इस पर्चे को सुरक्षित रखे जाने को लेकर लाभार्थी संतुष्ट नहीं हैं। 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण की शुरूआत हुई थी। टीकाकरण के बाद लाभार्थियों को कार्ड दिया जाता था। जिसे वह आसानी के साथ सुरक्षित रख सकते थे। बीते कुछ दिनों से कार्ड के स्थान पर एक कागज का पर्चा दिया जा रहा है।
जिस पर लाभार्थी के नाम के साथ मोबाइल नंबर, पता के अलावा वैक्सीन का नाम, प्रथम व दूसरी डोज का विवरण लिखकर दिया जा रहा है। लाभार्थी राजीव, विशेष, अनुज आदि का कहना है कि कोरोना टीकाकरण की अनिवार्यता विभिन्न योजनाओं और सरकारी कार्यों के लिए कर दी गई है। ऐसे में टीकाकरण कार्ड को सुरक्षित रखना जरूरी है। पहले कार्ड चिकने गत्ते पर बनाकर दिए जा रहे थे, जिन्हें संभालकर रख सकते थे, लेकिन अब हल्के से कागज पर बनाकर दिए जा रहे पर्चे को कैसे सुरक्षित रखें? जगह-जगह इसे दिखाने के लिए ले जाना होता है, ऐसे में यह फट भी सकता है।