एटा। शहर के बीचों-बीच स्थित मेडिकल कॉलेज की लिफ्ट में बुधवार की देर रात दो बालिकाएं फंस गईं। सूचना पर चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से वाद-विवाद हो गया। पुलिसकर्मी की पिटाई कर वर्दी फाड़ दी। दो स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया है।
आरक्षी राजेश कुमार ने बताया कि वह जिला अस्पताल की पुलिस चौकी पर तैनात है। बुधवार की देर रात सूचना मिली कि अस्पताल की लिफ्ट खराब हो गई है और उसमें कुछ व्यक्ति फंस गए हैं। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचा और सुरक्षा परामर्शदाता मुकेश कुमार को फोन कर बुलाया। इसी समय दो व्यक्ति वहां आए और लिफ्ट में लात मारने लगे। मैंने कहा यह खराब हो गई है और कुछ लोग अंदर फंसे हुए हैं। यह सुनकर वह गलियां देते हुए मुझे पीटने लगे।
उन्होंने बताया कि विरोध करने पर दोनों ने मेरे कपड़े फाड़ दिए और जान से मारने की नियत से गला दबाने लगे। मेरी चीख-पुकार सुनकर बाहर से लोग लिफ्ट के पास पहुंचे और इनके चंगुल से मुझको छुड़ाया। इन लोगों ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। सीओ सिटी अमित कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी सुमित और नीरज उर्फ रोहित को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
बृहस्पतिवार को भी लिफ्ट हुई बंद, प्रसूता सहित अन्य लोग फंसे
एटा। मेडिकल कॉलेज में लगी लिफ्ट बंद होना अब आम बात हो गई है। मेडिकल कॉलेज में भूतल से 6वीं मंजिल तक जाने के लिए चार लिफ्ट लगी हैं लेकिन इसमें से दो लिफ्ट ही संचालित होती हैं। आए दिन कोई न कोई लिफ्ट अचानक से बंद हो जाती है। बुधवार की रात को लिफ्ट बंद होने से उसमें कुछ लोग फंस गए थे। बृहस्पतिवार को लिफ्ट से गांव हैदरपुर निवासी एक प्रसूता सहित अन्य लोग भूतल पर आ रहे थे। अचानक से लिफ्ट बंद हो गई। लिफ्ट बंद होते ही उसमें बंद लोगों ने अलार्म बजाया। सुरक्षा गार्ड पहुंचे और लिफ्ट को चाबी के माध्यम से खोलने का प्रयास किया, लेकिन गार्ड लिफ्ट को नहीं खोल पाए। लिफ्ट में अंदर स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे। वह भूतल से लिफ्ट को दोबारा ऊपर ले गए। यह दौर करीब 10 मिनट तक चलता रहा। तब ऊपर जाकर लिफ्ट खुली और उसमें फंसे लोग बाहर निकल सके।