तुलसी जयंती पर तुलसी पार्क में मेले का आयोजन किया गया। देर रात चले कार्यक्रमों के आयोजन के बाद तीन दिवसीय तुलसी जयंती समारोह संपन्न हो गया। सायं 7 बजे गंगा आरती मंडल व गंगा सेवा परिवार द्वारा मां गंगा और तुलसी की महाआरती का आयोजन किया गया। इनमें श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर सारंग, ढोल, शंख के साथ आरती उतारी।
आर्केस्ट्रा के कलाकारों ने स्थानीय सांस्कृतिक कलाकारों के साथ संगीतमय सुंदरकांड का पाठ किया। देर रात जवाबी कीर्तन का आयोजन किया। जिसमें हुलसी के तुलसी राम दुलारे, हनुमत डटे रहो चौकी पर, राम से बड़ा राम का नाम, पवन सुत विनती बारंबार आदि भजनों की सरिता पूरी रात बहती रही। नगरपालिका द्वारा तुलसी स्मारक, शंकर जी पुल, तेलीय घाट व हरि की पैड़ी परिक्रमा मार्ग पर विशेष साज सज्जा व वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था का प्रबंध किया गया। इसके चलते पूरी रात उत्सव का माहौल बना रहा। तुलसी मेला के आयोजन में बच्चों ने मनोरंजन के साधन झूले आदि का जमकर लुत्फ उठाया वहीं फास्टफूड, आइसक्रीम, चाट पकौड़ों के स्टालों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। पारंपरिक खेल के सामान मिट्टी के खिलौने, गुल्लक, चाक बेलन व प्लास्टिक से बने घरेलू सामान खूब बिके। इस दौरान मनोज चौहान, विनोद चौधरी, हेमेंद्र शर्मा, कृष्णकांत वशिष्ठ, योगेश तिवारी, विनय तिवारी, पंकज तिवारी, पवन उपाध्याय, राहुल वशिष्ठ, नवनीत तिवारी, अंबरीश निर्भय, नरेश बरबारिया, राजेंद्र मौर्य आदि मौजूद थे।
भारत स्वाभिमान ट्रस्ट ने दी तुलसी को श्रद्धांजलि
सोरों। भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने तुलसी स्मारक पहुंचकर तुलसी बाबा को श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि के बाद स्थानीय पतंजलि कार्यालय पर बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए ट्रस्ट के जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा कि तुलसीदास ने रामचरित मानस, जानकी मंगल, रामलाला नहछू आदि ग्रंथों की रचना करके जनमानस को भक्ति का सरल संदेश दिया। ट्रस्ट के नगर प्रचारक राजू तिवारी मास्टर ने तुलसीदास की जीवनशैली पर प्रकाश डाला।
बैठक का संचालन आदेश कुमार चतुर्वेदी ने किया। इस अवसर पर विष्णु कुमार बौहरे, अतुल कुमार शर्मा, राघव बौहरे, अमर चतुर्वेदी, शिवम कुमार आदि मौजूद थे।