एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में खून की उल्टी और सांस उखड़ने के तीन मरीजों को लाया गया। चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार शाम करीब 8 बजे पदमा देवी (55) निवासी सैयद वाली गली को परिजन लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत मृत घोषित कर दिया। नाती शुभम ने बताया कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
इसके बाद इमरजेंसी लेकर आए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं ममोला देवी (80) निवासी भटमई को रात 10ः30 बजे परिजन लेकर आए। चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। भतीजे संदीप कुमार ने बताया कि उन्हें रात के वक्त अचानक खून की उल्टी हुई। इसके बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इमरजेंसी लेकर आए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं श्रीराम (65) निवासी सोंहार को परिजन शुक्रवार रात करीब 1 बजे लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। भतीजे शिवांग ने बताया कि उनकी सांस उखड़ रही थी। इसके बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इमरजेंसी लेकर आए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि रक्तचाप बढ़ने से शरीर के कई अंगों जैसे हृदय, मस्तिष्क, गुर्दे और आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। यहां तक हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर, किडनी फेलियर आदि जानलेवा समस्याएं हो सकती हैं। वहीं लोगों के नाक से खून आना या खून की उल्टी भी हो सकती है।