एटा। शहर में करीब तीन घंटे तक हुई तेज बारिश ने नगर पालिका की सफाई और सीवर व्यवस्था की पोल खोल दी है। बारिश के प्रभाव से मुख्य बाजार स्थित हाथी गेट के पास एक वर्षों पुराना जर्जर तीन मंजिला भवन भरभराकर ढह गया। गनीमत यह रही कि बारिश के चलते बाजार में लोगों की आवाजाही कम थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वहीं, शहर के कई प्रमुख मोहल्लों और मार्गों पर जलभराव होने से लोगों को पूरे दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई तेज बारिश के दौरान हाथी गेट स्थित कमजोर हो चुका तीन मंजिला मकान अचानक धराशायी हो गया। मकान गिरने की जोरदार आवाज से आसपास के इलाकों में खलबली मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर उसे सुरक्षित किया और जेसीबी की मदद से मलबा हटवाने का कार्य शुरू कराया। इसके साथ ही खतरे को देखते हुए इमारत के बाकी बचे जर्जर हिस्से को भी सुरक्षित ढंग से गिरा दिया गया।
प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में जलभराव
तेज बारिश के कारण शहर में जगह-जगह जलभराव की गंभीर समस्या हो गई। आगरा रोड, निधौली रोड, जीटी रोड, कचहरी रोड, मेडिकल कॉलेज रोड, तहसील परिसर, धोबियान गली, कृष्णा नगर, ठंडी सड़क और कैलाशगंज समेत कई प्रमुख इलाकों में पानी भर गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को निकलने में भारी दिक्कतें आईं। हालांकि, इस बारिश से तापमान में जरूर गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे भीषण उमस और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है।
छुट्टी के बाद भीगते हुए घर पहुंचे स्कूली बच्चे
स्कूलों की छुट्टी के समय बारिश होने से छात्र-छात्राएं भीगते हुए घर पहुंचे। कई अभिभावक छाते और रेनकोट लेकर बच्चों को लेने पहुंचे और उन्हें बारिश से बचाते हुए घर ले गए।
हाथी गेट बाजार के मुख्य मार्ग पर गिरा पड़ा तीन मंजिला भवन का मलवा। स्रोत दुकानदार
हाथी गेट बाजार के मुख्य मार्ग पर गिरा पड़ा तीन मंजिला भवन का मलवा। स्रोत दुकानदार