नगर का एक परिवार कानपुर जाते समय सड़क हादसे का शिकार हो गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घालय हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शनिवार सुबह साढ़े छह बजे करीब कायमगंज के ब्राहिमपुर जागीर गांव के पास रोडवेज बस को ओवरटेक करते समय स्कार्पियो की सामने से आ रही रोडवेज बस से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। स्कॉर्पियो के खाई में गिरते ही चीखपुकार मच गई। ग्रामीणों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी सवारों को बाहर निकाला। हादसे में अनिल सक्सेना और उनकी पत्नी वंदना सक्सेना निवासी समीप चित्रगुप्त मंदिर सूत की मंडी एवं स्कॉर्पियो चालक अखिलेश निवासी डोरई की मौके पर मौत हो गई। दंपति की इकलौती पुत्री अल्पना एवं गाड़ी सवार डा. राजकुमार, रश्मि, गौरव, प्रदीप निवासी गोरहा घायल हो गए। घायलों में राजकुमार व अल्पना की गंभीर स्थिति को देखते हुए फर्रुखाबाद के लोहिया आवास में रेफर कर दिया गया है। बताया गया कि अनिल सक्सेना अपनी पुत्री अल्पना और डा. राजकुमार अपनी पुत्री रश्मि को सीटीएमटी की कोचिंग के लिए कानपुर ले जा रहे थे। देर सायं तक मृतकों के शव यहां नहीं पहुंचे।
अल्पना का सपना पूरा होने से पहले ही दुनिया छोड़ गए माता पिता
कासगंज। मृतक दंपति अनिल जौहरी एवं उनकी पत्नी वंदना जौहरी की होनहार पुत्री अल्पना ही उनका गौरव थी। वह बेटी को डाक्टर बनाना चाहते थे। डाक्टर बनाने की चाह में ही वह अल्पना को कानपुर सीटीएमटी की कोचिंग के लिए ले जा रहे थे। लेकिन उनका यह सपना पूर नहीं हो सका। वह अपनी बेटी के भविष्य की राह की नीव तैयार कर ही रहे थे कि कुदरत ने दोनों को उठा लिया।
सुनीता भी हुई बदहवाश
स्कॉर्पियो गाड़ी के चालक अखिलेश की दुर्घटना में मौत होने की सूचना उसकी पत्नी सुनीता व अन्य परिवारीजनों को मिली तो कोहराम मच गया। अखिलेश के कंधों पर ही पूरे परिवार का पोषण निर्भर था। उसकी दो बड़ी पुत्रियां है। रश्मि(22) एवं दृष्टि (20) वर्ष है। सबसे छोटा पुत्र अभिषेक (15) वर्ष का है। रो रोकर बदहवाश सुनीता को पुत्रियों की शादी की चिंता सता रही थी।
ऐन वक्त पर बदला स्वाती का कार्यक्रम
हादसे में मौत का शिकार हुए अनिल जौहरी के साथ ही नगर की स्वाती पुत्र सत्यप्रकाश निवासी पक्की गली के भी कानुपर जाने का कार्यक्रम था, लेकिन ऐन वक्त पर उसका कार्यक्रम टल गया। जब उसे हादसे की जानकारी हुई तो वह परिवारीजनों के साथ कायमगंज की ओर दौड़ पड़ी।