एटा। सीएमओ दफ्तर में कार्यरत एक कर्मचारी ने मंगलवार को अवागढ़ क्षेत्र में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े चिकित्सक के साथ अभद्रता कर दी। इसके बाद दोनों में नोकझोंक हुई। अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत किया। तीन माह का वेतन न बनाने को लेकर पूछताछ करने पर अभद्रता करने की बात कही जा रही है।
आरबीएसके अवागढ़ ब्लॉक में तैनात डॉ. मनमोहन सिंह के साथ सीएमओ दफ्तर में तैनात जितेंद्र सिंह ने अभद्रता की। इसके बाद दोनों एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। शोर-शराबा सुनकर अन्य कर्मचारी पहुंच गए। इन्होंने दोनों को शांत कराया। इसके बाद दोनों ही पक्ष एक दूसरे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कहते रहे।
डॉ. सिंह का आरोप है कि उनका तीन माह का वेतन रोक रखा है। अटेंडेंस शीट देने के बाद गायब कर दी गई। इसके बाद फिर अटेेंडेंस शीट तैयार करके दी। 30 नवंबर को गया तो उपस्थित दस्तावेजों के नहीं मिलने की बात की गई, फोन किया तो उठाया नहीं और बंद कर दिया। दफ्तर गया तो अभद्रता की। इनका कहना है कि कोरोना काल में डीएम कंट्रोल रूम पर ड्यूटी लगी थी। इसके बाद भी तीन माह से वेतन रोका हुआ है। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा और कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं एनसीडी के कर्मचारी जितेंद्र का कहना है कि चिकित्सक ने उनके साथ दफ्तर में आकर अभद्रता की है। सीएमओ बाहर हैं, उनके आने के बाद मुकदमा दर्ज कराएंगे।