एटा। जिले में घटतौली पर लगाम नहीं लग पा रहा है। पूर्ति विभाग कोटेदारों पर नियंत्रण नहीं लगा पा रहा। घटतौली के दो ताजा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जो विभाग की फजीहत कर रहे हैं।
कोटे की दुकानों पर राशन तौलने के लिए ई-वेइंग मशीन दी गई है। इनसे जिले में 3.15 लाख राशन कार्ड धारकों को पारदर्शिता के साथ राशन उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, लेकिन कोटेदार लाभार्थी को देने वाला राशन वेइंग मशीन से न तौलकर अब भी दूसरे कांटे पर तौलकर कार्डधारकों को दे रहे हैं। जिम्मेदारों का दावा था कि वेइंग मशीन से राशन वितरण में घटतौली रुकेगी, लेकिन कोटेदारों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया। पहले से ही राशन तौलकर रखते हैं। वेइंग मशीन पर उतना राशन तौलकर पर्ची निकालकर लाभार्थी को दे देते हैं। फिर दूसरे कांटे पर कम राशन तौलकर कार्डधारकों को देते हैं। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
एक वायरल वीडियो शीतलपुर ब्लॉक के गांव करतला का है। जहां कोटेदार पहले से अपने पास तौलकर रखे अनाज को मशीन पर रखकर पर्ची निकाल लाभार्थी को दे रहा है। वहीं, फफोतू वाला कोटेदार टीन के कनस्तर में राशन की तौल कर रहा है। जबकि ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद वेइंग मशीन पर राशन रखने पर पर्ची निकलती है। उतना ही राशन कार्डधारकों को देने का नियम है, लेकिन कोटेदार यूनिट के हिसाब से राशन नहीं दे रहा। लाभार्थियों ने बताया कि विरोध किए जाने पर कोटेदार उनका राशन कार्ड कटवा देने की धमकी देता है।
जांच के नाम पर हो रही खानापूर्ति
पूर्ति विभाग के अधिकारियों द्वारा कोटेदार के खिलाफ अनियमितता मिलने के बावजूद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति की जा रही है। करीब एक माह पूर्व धुमरी कस्बा क्षेत्र में राशन पकड़ा गया था। 10 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार जानकारी करने पर जांच मंडी समिति सचिव अरुण कुमार को सौंपी गई। वहीं, राशन की छापेमार कार्रवाई के दौरान ही एक दुकान से कई सिलिंडर पकड़ने के बाद मामला शांत होने की चर्चा भी कस्बे में जोरों पर रही। पूर्ति निरीक्षक जैथरा धारणा चौहान ने बताया कि अनाज के मामले की जांच मंडी समिति को दी गई है। दुकानदार द्वारा सिलिंडर सीएचसी से संबंधित बताए गए थे।
वायरल वीडियो का मामला संज्ञान में आया है। फफोतू का मामला पुराना है, जिसमें जांच भी हो चुकी है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। करतला में घटतौली के मामले में जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। -दिग्विजय सिंह, आरओ पूर्ति विभाग