अलीगंज रोड पर बने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण करते जिलाधिकारी। संवाद
एटा। शहर का बहुचर्चित मेडिकल कॉलेज को अभी तक अंतिम रूप से लाइसेंस नहीं मिला है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए आवेदन किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने इसकी जांच व निरीक्षण के लिए एसडीएम को निर्देश दिए गए।
मेडिकल कॉलेज के अंतिम लाइसेंस के लिए प्राचार्य ने आवेदन किया था। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा टेक्निकल जांच कमेटी में एसडीएम भावना विमल और एसीएमओ डॉ. राम मोहन तिवारी ने बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज में संचालित स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के वार्ड, नेत्र विभाग, एसएनसीयू और एनआईसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। इसके बाद पांचवें तल पर बाल रोग विभाग के वार्ड का निरीक्षण किया। वहीं छठवें तल पर मेडिकल कॉलेज की संचालित किचन का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण करने के बाद उन्होंने प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह से मेडिकल कॉलेज के बारे में जानकारी ली। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को अभी तक अंतिम लाइसेंस नहीं मिला है। जांच कमेटी ने इसका निरीक्षण किया है। वहीं एसीएमओ डॉ. राम मोहन तिवारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के पंजीकरण के लिए प्रशासन की ओर से एसडीएम भावना विमल ने निरीक्षण किया था। निरीक्षण आख्या के बाद मेडिकल कॉलेज अंतिम लाइसेंस दिया जाएगा।
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ब्लड बैंक भी पंजीकरण भी रहा विवाद के घेरे में
मेडिकल कॉलेज में संचालित ब्लड बैंक भी पिछले साल पंजीकरण को लेकर विवादों में रही। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की ब्लड बैंक को मेडिकल कॉलेज में संचालित कर दिया गया था। लेकिन जगह का स्थानांतरण होने के बाद उसे नया लाइसेंस निर्गत नहीं हुआ था। जिसकी वजह से ब्लड बैंक विवाद में रही। वहीं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने पिछले साल दिसंबर माह में ब्लड बैंक के लाइसेंस के लिए आवेदन किया। जिसके बाद ब्लड बैंक को लाइसेंस निर्गत हो सका।
वर्जन
मेडिकल कॉलेज को अंतिम लाइसेंस प्रदान किया जाना है। इसको लेकर जांच कमेटी के सदस्य के रूप में एसडीएम और एसीएमओ डॉ. राम मोहन तिवारी को निरीक्षण के लिए भेजा गया है। - अरविंद सिंह, जिलाधिकारी