जीटी रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में गुरुवार को दर्जनभर छात्राओं की हालत अचानक बिगड़ गई। एक के बाद एक छात्राओं को उल्टी-दस्त होने लगे तो कुछ बेहोश हो गईं। घटना से स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। संस्था द्वारा बुलाए गए निजी चिकित्सक ने उपचार किया। सात गंभीर छात्राओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के जांच के आदेश दिए हैं। सूचना पर एसएसपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे।
गुरुवार सुबह जीटी रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सुबह साढ़े आठ बजे कक्षा दस की छात्राएं बेहोश होने लगीं। कुछ को उल्टी दस्त शुरू हो गए। एक के बाद एक करके छात्राओं की तबीयत खराब हो गई। दर्जनभर छात्राओं के चपेट में आने के बाद विद्यालय प्रशासन के होश उड़ गए। घटना की सूचना प्रबंधन को दी गई। साथ ही निजी चिकित्सक और बाल रोग विशेषज्ञ डा. राजेश सक्सेना को बुलाया गया। उपचार के बाद छात्राओं की हालत में सुधार हुआ। वहीं चंचल, तनीशा, महिमा, दीक्षा, अंशिका, पल्लवी, श्रेया को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसके वर्मा, एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे। विद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। घटना के बाद स्कूल में अवकाश कर दिया गया।
कारणों पर अटकलें
घटना को लेकर लोगों के अलग अलग अनुमान हैं। कुछ लोग निकटवर्ती खेतों में लगाए जा रहे कीटनाशकों से निकली घातक गैस को कारण बता रहे हैं। छात्राओं का कहना था कि पहली छात्रा को दुर्गंध के चलते उल्टी शुरू हुई थी। तो वहीं मौके पर पहुंचे बाल रोग विशेषज्ञ ने इसे फंग्शनल (मनोवैज्ञानिक कारण) बताया।
यह परेशानी केवल छात्राओं को हुई। एक दूसरे को देखकर इनकी हालत बिगड़ रही थी। उल्टी के साथ ही उनमें बेहोशी भी आ रही थी। जो मनोवैज्ञानिक अधिक था। कुछ देर में यह सामान्य भी हो रही थीं। चिकित्सीय टर्म में इसे फंग्शनल कहते हैं। गर्मी उमस ने इस समस्या को और बढ़ा दिया।
- डा. राजेश सक्सेना, वरिष्ठ फिजीशियन
घटना के पीछे कीटनाशक दवा का भी असर हो सकता है। मगर अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है। जिला अस्तपाल में भर्ती सभी छात्राएं ठीक हैं।
- डा. प्रदीप कुमार, सीएमएस
मामले की जांच के लिए समिति बना दी गई है। जो जांच कर घटना के कारणों को स्पष्ट करेगी।
- प्रेमचंद्र, उपप्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर