शुक्रवार रात अलीगंज के गांव गेवर असदुल्लापुर में चार परिवारों की तीन झोपड़ियों में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग की चपेट में आए 12 दुधारु पशु जलकर मर गए। साथ ही बाइक व अन्य सामान भी राख हो गया। लोग बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया।
गेवर असदुल्लापुर निवासी मनोज, रविंद्र, नंदकिशोर व संजीव की गांव में तीन झोपड़ी बनी हुई थीं। एक झोपड़ी में पशु बांधते थे। दूसरी झोपड़ी में सामान आदि रखा था। तीसरे झोपड़ी में लोग रहते थे। शुक्रवार रात गांव में बारात आई हुई थी। बताते हैं कि बारात में शामिल होने के लिए परिवार के कुछ लोग चले गए। रात करीब 10 बजे अचानक एक झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तीनों झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया।
एक झोपड़ी में रखे मिट्टी के तेल के खाली डिब्बे जब आग से फटे तो ग्रामीणों को आवाज सुनाई दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे। तीसरी झोपड़ी में सो रहे लोगों को बमुश्किल बाहर निकाला। करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। पीड़ितों ने बताया कि दो झोपड़ी में 12 पशु, एक बाइक तथा खाली मिट्टी के तेल के डिब्बे रखे थे। तीसरी झोपड़ी में कपड़े रखे थे। आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
विधायक ने दी आर्थिक सहायता
अलीगंज। विधायक रामेश्वर सिंह यादव ने शासन की तरफ से पीड़ितों को 20 हजार रुपये का चेक दिया। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता राशि दिलवाने का आश्वासन दिया। इस दौरान एसडीएम भैरपाल सिंह, तालेवर सिंह, संतोष यादव प्रधान आदि मौजूद थे।
ओसीबी में लगी आग, कर्मचारी बाल-बाल बचे
राजा का रामपुर। कस्बा सहित 29 गांवों में लगभग 10 दिन से बिजली के दर्शन नहीं हो रहे थे। शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे अचानक ओसीबी मशीन में आग लग गई। करंट दौड़ने से वहां मौजूद कर्मचारी बाल-बाल बच गए।
गांव हत्सारी पर 16 बिजली के खंभे लगाकर नए तार डाले जा रहे थे। मगर तार पूरे न पड़ पाने के कारण 10 दिन से उन गांवों की बिजली बंद थी। शुक्रवार की सुबह किसी तरह बिजली आपूर्ति की गई, लेकिन शनिवार सुबह अचानक ओसीबी मशीन में आग लग जाने से फिर से वह गांव अंधेरे में डूब गए। दूसरी ओर मोहल्ला देबियान में चार माह पहले फुंका ट्रांसफार्मर विभाग आज तक नहीं रखवा पाया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।