एटा। मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को मलेरिया के दो मरीज मिले जिन्हें संचारी रोग वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। वहीं बच्चा वार्ड में एक 12 वर्षीय बालिका की जांच में डेंगू या मलेरिया नहीं निकला। उसकी प्लेटलेट्स लगातार गिरते हुए मंगलवार को महज 8 हजार रह गईं। तबीयत में सुधार न होने पर परिजन उसे निजी क्लीनिक में उपचार के लिए ले गए।
बच्चा वार्ड में भर्ती आयशा (12) निवासी किदवई नगर को दो दिन से बुखार आ रहा था। सोमवार को इसे मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया। यहां इसकी मलेरिया व डेंगू की जांच कराई गई जिसमें इन दोनों ही बीमारियों की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि इसकी प्लेटलेट्स 34 हजार मिलीं। चचेरी बहन सिमरन ने बताया कि मंगलवार को फिर से इसकी जांच कराई गई जिसमें प्लेटलेट्स 8 हजार रह गईं। तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग वार्ड में भर्ती तस्लीमन (70) निवासी मानपुर ने बताया कि 4 दिन से बुखार आ रहा था। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पहुंचे यहां पर चिकित्सकों ने मलेरिया की जांच कराई जिसमें पुष्टि हुई। वहीं रमाकांत शर्मा (48) निवासी जलालपुर सांथल ने बताया कि एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। गांव में ही दवा ली लेकिन कोई आराम नहीं मिला। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए आए जहां चिकित्सकों ने मलेरिया की जांच कराई जिसमें पुष्टि हुई।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में मंगलवार को 700 मरीजों ने विभिन्न बीमारियों को लेकर उपचार लिया। इसमें 400 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित मिले जिन्हें उपचार दिया गया। वहीं गंभीर मरीजों की मलेरिया व डेंगू की जांच कराई गई। इस दौरान सामान्य वार्ड में 40 मरीजों को भर्ती किया गया।
वायरल संक्रमण की वजह से भी तेजी से मरीज की प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। उपचार के साथ दो-तीन दिन में ये बढ़ जाती हैं। डेंगू-मलेरिया नहीं है तो घबराने की बात नहीं होती। -डॉ. बलवीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज