एटा में एक शिक्षिका ने बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी की। इसके बाद भी उसका एक दिन का वेतन कट गया। उसे पाने के लिए शिक्षिका ने आठ महीने जंग लड़ी। अब सफलता मिली है।
उत्तर प्रदेश के एटा में अवागढ़ विकासखंड क्षेत्र की एक शिक्षिका की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में होने के बावजूद भी वेतन काटने की कार्रवाई कर दी गई थी। इस एक दिन के वेतन को पाने के लिए शिक्षिका ने 8 महीने तक बेसिक शिक्षा विभाग से जंग लड़ी। अब जाकर बीएसए ने वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
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मामला प्राथमिक विद्यालय नगला लोधा का है। 24 फरवरी 2023 को तत्कालीन बीएसए संजय सिंह ने स्कूल निरीक्षण में बंद पाए जाने की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षिका आशा चौधरी का एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की थी। जबकि शिक्षिका उस दिन बोर्ड परीक्षा में सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ ड्यूटी पर थी।
वेतन कटौती के बाद शिक्षिका ने अपना स्पष्टीकरण उच्च अधिकारियों को दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बिना स्पष्टीकरण पर गौर किए ही एक दिन के वेतन की कटौती कर दी गई। इसके बाद शिक्षिका ने गलत तरीके से वेतन काटने को लेकर उच्चाधिकारियों तक शिकायतें भेजीं।
वेतन गलत तरीके से काटे जाने की स्थिति स्पष्ट होने पर बीएसए ने भुगतान कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए चेतावनी भी दी है।बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि शिक्षिका का गलत तरीके से वेतन काटा गया था। शिक्षिका को वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।