रेलवे के जीएम राजीव मिश्रा बुधवार को कासगंज आ रहे हैं। उनका आगमन की तैयारियां तो चल रही हैं तो दूसरी ओर समस्याओं से जूझ रहे रेलकर्मियों ने भी अपनी पीड़ा सुनाने की तैयारी कर ली है। जीएम के लिए कर्मियों के क्वार्टर की रंगाई, पुताई करा दी लेकिन इनकी जर्जर हाल पर ध्यान नहीं दिया। तो ट्रेनें भी काफी कम इस स्टेशन से चलती हैं।
जीएम आगमन को देखते हुए रेलवे प्रशासन पिछले एक पखवाड़े से तैयारियों में जुटा हुआ है। स्टेशन परिसर की रंगाई, पुताई, टूट, फूट आदि को दूर तो कर दिया गया, लेकिन इसी क्षेत्र में बसी रेलवे की कॉलोनी एल/160 डबल स्टोरी में रहने वाले कर्मियों के क्वार्टर की ऊपरी मंजिल के छज्जे जर्जर हो चुके हैं जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। जीएम की नजर में न आ जाए इसलिए क्वार्टर की रंगाई पुताई तो कर दी है, लेकिन मरम्मत का कार्य नहीं किया गया है। आवासों के ऊपरी हिस्सों से निकलने वाला पानी सड़कों पर टपकता रहता है। रेलवे के कई फाटकों के घंटों बंद रहने से जाम के हालात बन जाते हैं। इन पर ओवरब्रिज की दरकार लंबे समय से है। यहां पर पार्सल ऑफिस भी काफी समय से बंद है। रेलवे जंक्शन परिसर में प्रवेश करते समय यात्रियों की समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है। मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था मुख्य द्वार पर नहीं है। कॉलोनी निवासी मीना, बबली, सीमा, पिंकी आदि का कहना है कि कॉलोनी की जर्जर हालत की ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा। कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं।
तो जंक्शन पर रेलवे ने एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म के लिए काफी समय पहले ओवरब्रिज का निर्माण कराया। इसका निर्माण करते समय दिव्यांग लोगों की ओर ध्यान नहीं दिया गया। स्वचलित सीढ़ी या लिफ्ट की व्यवस्था होनी चाहिए।
जंक्शन पर पहले कुलियों के लिए एक विश्रामालय बना हुआ था। जिसमें कुली खाली समय में आराम करते थे। जंक्शन का पुननिर्माण करते समय विश्रामालय पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
जंक्शन पर एक मालगोदाम के लिए एक प्लेटफॉर्म बना हुआ है, लेकिन यह जर्जर हो चुका है। यहां पर माल को सुरक्षित रखने के कोई इंतजाम नहीं है। व्यापारियों का माल खुले में पड़ा रहता है। जिससे मौसम की मार से माल खराब होने पर व्यापारियों को आर्थिक क्षति उठानी होती है।
इन मार्गों पर है ट्रेनों की आवश्यकता
- कासगंज से ग्वालियर, गुना, इंदौर के लिए ट्रेन
- कासगंज से दिल्ली के लिए ट्रेन की आवश्यकता
- कासगंज से वैष्णों देवी जाने वाले यात्रियों के लिए जम्मू तक ट्रेन की व्यवस्था
- बंद हो चुकी मरुधर ऐक्सप्रेस का फिर से संचालन
- दक्षिण पश्चिम भारत को जोड़ने वाली ट्रेनों की व्यवस्था
इन फाटकों पर है ओवरब्रिज की जरूरत
- कासगंज की पश्चिमी केबिन अहरौली।
- कासगंज की पूर्वी केबिन सहावर गेट पर।
- कासगंज, अमांपुर मार्ग पर बरेली-कासगंज एवं कासगंज- फर्रुखाबाद रेलवे खंडों पर।