बदरीनाथ हाईवे पर सोनला गदेरे में आया मलबा
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हाईवे-91 के फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। एटा और पिलुआ में हाईवे बाईपास के लिए अधिग्रहित होने वाली 149 हेक्टेयर भूमि से जुड़ी सभी आपत्तियों का निस्तारण हो गया है। एनएचएआई अधिकारी अब किसानों की भूमि का मुआवजा और पुनर्वास खर्च होने वाले पैसे का आंकलन कर रहे हैं। उम्मीद है कि पहले चरण में एटा में बनने वाले बाईपास के लिए टेंडरिंग प्रक्रिया मार्च तक पूरी हो जाएगी।
एटा में बाईपास के लिए 31 गांवों की 149 हेक्टेयर भूमि का अधिग्र्रहण होगा। भूमि अधिग्रहण से पूर्व आई किसानों की 35 आपत्तियों का निस्तारण एनएचएआई और जिला प्रशासन के अफसरों ने 13 फरवरी को कर दिया है। किसानों को 21 दिन में आपत्ति दर्ज कराने को कहा गया था। किसानों की अधिग्रहित होने वाली कृषि भूमि के लिए सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा और आबादी एवं कामर्शियल भूमि का सर्किल रेट का दो गुना मुआवजा वितरित किया जाएगा। अफसर अधिग्रहित भूमि के मुआवजे और पुनर्वास पर खर्च होने वाले धन का आकलन कर रहे हैं।
एटा जिले में बाईपास समेत कुल 43 किमी लंबे फोरलेन हाईवे-91 का निर्माण करीब 700 करोड़ रुपये से होगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि फोरलेन हाईवे-91 कि टेंडरिंग प्रक्रिया मार्च में पूरी हो जाएगी। टेंडरिंग प्रक्रिया की लागत में अधिग्रहित भूमि की कीमत शामिल नहीं हैं। एनएचएआई हाईवे निर्माण के लिए थ्रीडी डाटा भी तैयार करा रहा है।
- टीपी सिंह, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई