एटा। तीन माह पहले बेटी की शादी करने के बाद पिता को सुकून मिला था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही बेटी पर जुल्म ढहाए जाने लगे तो पिता परेशान रहने लगा। परिजनों के अनुसार बेटी की परेशानियों को देख न सका और वह तनाव में रहने लगा। मंगलवार की रात पिता ने मक्का के खेत पर फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं, पुलिस परिजनों के आरोपों की भी गंभीरता से जांच कर रही है। मामले की तहरीर दे दी गई है।
थाना नयागांव क्षेत्र स्थित गांव दादूपुर अकबरपुर निवासी संतराम उर्फ पप्पू (55) पुत्र आशाराम का शव बुुधवार की सुबह मक्का की रखवाली के लिए बनाए गए मचान पर लटका मिला। सुबह खेतों में काम करने पहुंचे लोगों ने देखा तो शव को उतारा गया, लेकिन तब तक सांसें थम चुकी थीं। स्वजनों ने पुलिस को खबर दी और शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया।
मृतक के पुत्र रामकिशन ने बताया है कि बहन नीरज की शादी फरवरी में सुरजीत निवासी निधौली खुर्द थाना रिजोर के साथ की थी। पिता शादी तो बढ़ी मुश्किल से कर पाए थे। शादी के बाद से बहनोई व अन्य ससुरालीजन बहन को परेशान करने लगे। 15 दिन पहले पिता बहन की ससुराल गए तो उनके साथ भी अभद्रता की गई थी।
बेटी पर ढहाए जा रहे जुल्मों से परेशान और अभद्रता से दुखी होकर पिता ने मंगलवार की रात मचान पर फांसी लगाकर जान दे दी। प्रभारी निरीक्षक नरेंद्रपाल सिंह ने बताया है कि वृद्ध आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। सात बेटा-बेटी हैं। जमीन बिल्कुल भी नहीं है। इसकी वजह से फांसी लगाना भी सामने आ रहा है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों के आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।