उत्तर प्रदेश के एटा में शुक्रवार की रात करीब दो बजे युवती ने खुद को आग लगा ली। इसके बाद परिजन निजी चिकित्सकों के पास इलाज कराते रहे। जब तबीयत ज्यादा खराब हुई तो सीएचसी लेकर पहुंचे। यहां से मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। 90 फीसदी जलने के कारण हालत नाजुक होने पर आगरा रेफर किया गया है।
मामला जैथरा थाना क्षेत्र के पट्टी गांव का है। गांव निवासी प्रदीप कुमार की पुत्री नम्रता (26) ने रात में खुद को आग लगा ली। चीखने पर परिजन की नींद टूटी तो किसी तरह से आग को बुझाया। तब तक वह काफी जल चुकी थी। परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास लेकर गए। यहां उपचार किया गया। लेकिन हालत खराब होती चली गई। तब सीएचसी लेकर गए। यहां से शनिवार दोपहर करीब एक बजे मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने 90 फीसदी जला होने पर आगरा रेफर कर दिया।
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पिता ने बताया कि बेटी मानसिक रूप से परेशान चल रही है। इसके चलते उसने शुक्रवार की रात करीब दो बजे खुद पर आग लगा ली। चीख सुनकर जगे तो किसी तरह से आग बुझाई गई। इलाज के लिए लेकर निजी डॉक्टर के पास गए। हालत में सुधार नहीं होने पर मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां से एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के लिए रेफर किया गया है। थाना प्रभारी फूलचंद ने बताया कि युवती के जलने की कोई सूचना थाने पर नहीं है। अगर कोई सूचना आती है तो जांच कराई जाएगी।
मां की मौत के बाद से था तनाव
गांव वालों के मुताबिक युवती अपनी मां संगीता की मौत के बाद से तनाव में थी। इसी साल 22 मार्च को उनकी मौत बीमारी से हो गई थी। जिसके बाद युवती मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। उसका आगरा में उपचार भी कराया गया।