एटा। जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के द्वितीय चरण में कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हों।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 22 वर्ष के बाद उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को शुद्ध व समावेशी बनाने के लिए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का कार्य 28 अक्तूबर से शुरू हो गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग का निर्देश है कि किसी भी मतदेय स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता न हों। इसके लिए मतदेय स्थलों के सत्यापन एवं संभाजन की प्रक्रिया भी इस दौरान पूर्ण की जायेगी।
जिले में वर्तमान में लगभग 1311967 मतदाता व 1529 मतदेय स्थल है। जनपद में 1 जिला निर्वाचन अधिकारी, 4 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 19 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 1529 यूथ लेवल अधिकारी कार्यरत हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 28 अक्तूबर से 3 नवंबर तक विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से संबंधित तैयारी, प्रशिक्षण और गणना प्रपत्रों का मुद्रण होगा। 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे। 9 दिसंबर से निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन, 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जाएंगी। 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस जारी किए जाने, सुनवाई एवं सत्यापन व दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण होगा। 7 फरवरी 2026 को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन होगा।