एटा। शहर में हर ओर सड़कों की दुर्दशा हो चुकी है। खासतौर से इस महीने हुई बरसात ने तो और ज्यादा दुर्गति कर दी है। इसको लेकर अफसरों के बीच मंथन हुआ तो अलग ही समस्या सामने आई। पीडब्ल्यूडी के अफसर बोले कि हमारे पास न तो बजट है और न ही सामान, आखिर सड़कों को गड्ढामुक्त कैसे कराएं?
शहर में नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी के अधीन ही अधिकांश सड़कें हैं। इनमें से रेलवे रोड, आगरा रोड, अलीगंज रोड, निधौली कलां रोड, जीटी रोड के अलावा शहर के अंदर की कई सड़कें खराब हैं। काफी शिकायतें हुईं तो पीडब्ल्यूडी ने कुछ काम भी कराया, लेकिन ये टिकाऊ नहीं था। चंद दिनों में हालत फिर पहले जैसी हो गई। समस्याओं के समाधान के लिए डीएम प्रेम रंजन सिंह ने पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका के ईओ, जेई को बुलाकर बैठक की। इसमें पता किया गया कि किसी सड़क पर क्या समस्या है, जिसकी वजह से जल्दी खराबी आ रही है और कैसे इसका निवारण किया जाए।
अभियंताओं ने बताया कि आबादी वाली इलाकों में सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है। वहां जलनिकासी न होने की वजह से पानी भर जाता है और डामरीकृत सड़क खराब हो जाती है। ऐसे में इन स्थानों पर स्थायी समाधान सीसी सड़क का निर्माण ही है। लंबे टुकड़ों में सीसी सड़क नहीं बनाई जा सकती। इसके लिए डामर का ही काम करना होगा। नालों आदि पर भी मंथन हुआ।
लोगों को तात्कालिक रूप से समाधान दिलाने के लिए गड्ढे भरने की बात हुई तो पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि पहले हमारे पास स्टोर हुआ करते थे। जिनमें हर समय सामग्री उपलब्ध रहती थी और समय-समय पर काम कराते रहते थे। अब सारे स्टोर खत्म कर दिए गए हैं। सरकार की ओर से बजट भी नहीं दिया गया है, जिससे गड्ढामुक्त के काम करा सकें। डीएम प्रेम रंजन सिंह ने बताया पालिका-पीडब्ल्यूडी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि तीन दिन में सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करें। ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी।