एटा। कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े तो स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। एक ओर जहां जांचें नहीं हो पा रहीं हैं तो दूसरी ओर रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मेडिकल टीम और दवा न पहुंचने की सबसे ज्यादा शिकायतें हैं। इसके अलावा, सैनिटाइजेशन, जांच, कोविड अस्पताल में इलाज और ऑक्सीजन की कमी के फोन भी कलेक्ट्रेट और सीएमओ कार्यालय में बनाए गए कोविड कंट्रोल रूम में आ रहे हैं।
शहर की नई बस्ती से फोन कर एक युवक ने बताया कि 9 मई को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद वह होम आइसोलेट हो गया है। लेकिन अभी तक कोई मेडिकल टीम नहीं पहुंची, जो दवाओं की जानकारी दे दे। इस पर कंट्रोल रूम से बताया गया कि मेडिकल टीम को जल्द भेजा जाएगा। जो दवा भी उपलब्ध कराएगी। जेएलएन डिग्री कालेज के पास, नगला इंदी सकीट आदि स्थानों से भी टीम और दवा न मिलने की शिकायतें दर्ज कराई गईं।
सभी को आश्वासन दे दिए गए। शांति नगर निवासी एक व्यक्ति ने फोन कर बताया कि 26 अप्रैल को एक वृद्ध की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। होम आइसोलेशन में है। तबियत बिगड़ रही है। फोन के बाद मेडिकल टीम सहित एंबुलेंस भेजी गई। अस्पताल पहुंचने पर उनकी मौत हो गई। जलेसर कस्बा से फोन कर बताया गया कि मंडी में एक कोरोना पॉजिटिव वृद्ध लगातार घूम रहा है। जिससे अन्य लोगों को संक्रमण का खतरा है। उसे बताया गया कि मेडिकल टीम भेजकर उसे सख्ती के साथ होम आइसोलेट किया जाएगा। न मानने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
कोविड कंट्रोल के माध्यम से लोगों की जो भी शिकायतें, समस्या और सुझाव प्राप्त हो रहे हैं, उनके अनुसार तुरंत कार्रवाई कराई जा रही है।
- डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ