जिले में दशकों पहले बने पुल अब बूढ़े हो चुके हैं और जल्द ही इनकी मरम्मत न कराई गई तो यह कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पुलों पर बनी सड़क और किनारे क्षतिग्रस्त होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद भी संबंधित विभाग केवल पेच मेकिंग करा कर खानापूरी कर रहा है। भारी वाहन जब इनके ऊपर से गुजरते हैं तो पुल कंपन करने लगते हैं और वाहनों को निकलने में भी परेशानी होती है।
जिले में निकलने वाली नहर बंबों के ऊपर से निकलने के लिए बनाए गए पुल कितने साल पुराने हैं इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को भी नहीं है। इनमें से कई पुल अंग्रेजों के जमाने के बने हैं तो कई दशकों पहले। अधिकतर पुल नहरों के ऊपर बने हैं, जिनमें मारहरा-मिरहची, मारहरा-पीएसी, एटा-निधौली रोड, एटा-गंज रोड व एटा जिरसमी रोड पर नहर के ऊपर बने दशकों पुराने पुलों की स्थिति अब खराब हो चली है। इसके अलावा यह पुल इतने संकरे हैं कि बड़े वाहन भी यहां से आराम से नहीं निकल पाते। दूसरी ओर से आ रहा वाहन वहीं रुक जाता है और जब तक एक वाहन यहां से नहीं गुजर जाता तब तक वह आगे नहीं बढ़ता है। जल्दबाजी में कभी-कभी इन पुलों पर हादसे भी हो जाते हैं। पुल पर बनी सड़कों पर हुए गड्ढों की वजह से दुपहिया वाहन दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। बता दें कि एक महीने पहले जिरसमी पुल से एक मेटाडोर नहर में गिर गई थी। एक सप्ताह पहले तीन लोग बाइक से गुजर रहे थे जो बाइक सहित नहर में जा गिरे। बाद में गोताखोरों ने उन्हें बचाया।