मानपुर स्थित सीवर लाइन का निरीक्षण करते अधिशासी अभियंता जलनिगम।
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एटा। शहरवासियों को अगले साल जनवरी में सबसे बड़े सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की सौगात मिलने वाली है। जीटी रोड स्थित मानपुर पर मुख्य सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण लगभग 70 फीसदी से ज्यादा पूरा हो चुका है। प्लांट बनने के बाद घर में बने शौचालयों के गटर से निजात मिल सकेगी। प्लांट बनने से पालिका को भी बड़ा लाभ मिलने वाला है। दरअसल, चार जनवरी से शुरू होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर में बने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के भी अंक मिलेंगे। इससे पालिका को वाटर प्लस सर्टिफिकेट मिलने की संभावना है। जिससे उसकी रैंक बढ़ सकती है।
शहर से प्लांट तक आने वाले गंदे पानी को सबसे पहले रिसीविंग चैंबर में डाला जाएगा। इसके बाद इस पानी का कोर्स स्क्रीनिंग कराया जाएगा। इसमें बड़े कूड़े को अलग कर लिया जाएगा। स्क्रीनिंग के बाद पानी को मैन पंपिंग स्टेशन में डाला जाएगा। मैन पंपिंग स्टेशन को 11.5 मीटर गहरा 11 हजार 500 मीटर परिधि में गोल बनाया गया है। इसके बाद पानी को ग्रिट चैंबर में डाला जाएगा, जहां बचे छोटे पदार्थ को आगे जाने से रोक लिया जाएगा। इसके बाद एसबीआर बेसिन में पानी को लाया जाएगा। यहां क्लोरीन टैंक में पानी डालकर क्लोरीन गैस द्वारा पानी के बैक्टीरिया को खत्म करके सिंचाई योग्य बनाया जाएगा।