सीएम की रैली से लौट रही भीड़ में फंसी गर्भवती
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मुख्यमंत्री की जनसभा का आयोजन मारहरा में मिरहची रोड पर हुआ था। रैली खत्म होने के बाद सड़क पर भीड़ उमड़ी तो पति के साथ साइकिल पर प्रसव कराने सीएचसी मारहरा जा रही महिला फंस गई। महिला दर्द से चीखने लगी तो राहगीर महिलाओं से उसे चारो ओर से घेर लिया। इस बीच उसके पति ने कई बार फोन पर एंबुलेंस भेजने की सूचना दी, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। भीड़ छटने के बाद महिला प्राइवेट वाहन से अस्पताल पहुंची, जहां चिकित्सकों ने सुरक्षित प्रसव कराया, तब जाकर परिवार ने राहत की सांस ली।
मारहरा क्षेत्र के भंवरपुर गांव निवासी राजकुमार की गर्भवती पत्नी रेखा को अचानक प्रसव पीड़ा हुई तो पति उसे साइकिल पर बैठा कर पीएचसी ले जाने लगा। इसी बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रैली खत्म हुई तो मिरहची रोड पर भीड़ का सैलाब उमड़ पड़ा। इसके चलते प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला बेचैन होकर सड़क किनारे गिर गई। पत्नी की हालत बिगड़ते देख पति राजकुमार ने कई बार एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन किया। आरोप है कि फोन उठने के बाद लगातार कट रहा था और पत्नी रेखा की हालत बिगड़ती जा रही थी। राजकुमार ने बताया कि भीड़ खत्म होने के बाद वो पत्नी को प्राइवेट वाहन से लेकर अस्पताल पहुंचा, तब जाकर चिकित्सकों ने सुरक्षित डिलीवरी कराई। रेखा ने बेटी को जन्म दिया है और दोनों सुरक्षित हैं।
गश खाकर गिरी महिला कांस्टेबल
सुबह घने कोहरे के बाद दोपहर में चिललिलाती धूप में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बल के जवानों और भीड़ के मंगलवार को पसीने छूट रहे थे। कि अचानक मंच के सामने डी के पास ड्यूटी में तैनात महिला कांस्टेबल ज्योत्सना परासर के बराबर में खड़ी महिला कांस्टेबल सुमन उमस के कारण अचानक गश खाकर गिर गई। साथी कांस्टेबल ने उसे उठाया और पानी पिलाकर उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद महिला कांस्टेबल पूरे होश में आ चुकी थी।