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क्षेत्र में शिक्षा के साधनों की कमी है बड़ी मुसीबत

Wed, 01 Feb 2017 12:18 AM IST
Amar Ujala
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चुनावी बातचीत करती छात्राएं - फोटो : Amar Ujala
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क्षेत्र में शिक्षा के साधनों की कमी से आधी आबादी को अपने सपने पूरे करने में तमाम दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। इसका दर्द भी यहां की छात्राओं में है। विधानसभा चुनाव 2017 पर चल रही चर्चाओं में वे अपने इस मुददे को प्रमुखता से रखती भी हैं। छात्राएं चाहती हैं कि इस बार ऐसा जनप्रतिनिधि चुना जाए, जो शिक्षा, रोजगार की दिशा में गंभीरता से काम करने वाला हो। अमर उजाला ने एमजी डिग्री कॉलेज की छात्राओं से विधानसभा चुनाव पर चर्चा की, तो उन्होंने अपने मुद्दे सामने रखे।  

बालिकाओं की शिक्षा के लिए यहां पर्याप्त साधन नहीं हैं। स्नातक शिक्षा के लिए मात्र एक कन्या महाविद्यालय है। वित्त विहीन महाविद्यालयों में महंगी फीस होने से गरीब बालिकाएं शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। जो पार्टी एवं प्रत्याशी शिक्षा, रोजगार को लेकर गंभीर दिखेगी। उसे ही मत मिलेगा।
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लक्ष्मी हिम्मतपुर सई

 युवाओं की सबसे बड़ी जरूरत रोजगार की है। यहां पर उद्योगों का विकास नहीं हो पाया है। कुछ छोटे उद्योग ही संचालित हैं, लेकिन उनमें युवतियों को रोजगार के साधन उपलब्ध नहीं हो पाते। जिससे उन्हें शिक्षित होने के बाद बेरोजगारी का दंश झेलना पड़ रहा है।
अंजू अशोक नगर

 मतदान का अधिकार संविधान ने दिया है। इस अधिकार का प्रयोग काफी सोच समझ कर करना चाहिए। सही जनप्रतिनिधि का चयन होने पर ही क्षेत्र का सही विकास होता है। चुनाव मैदान में जो जनप्रतिनिधि हैं उनके घोषणा पत्र का अवलोकन करने के साथ ही उनकी छवि को ध्यान में रखकर वोट देंगी-
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गंगा सहावर गेट


बालिकाओं की शिक्षा यहां गंभीर समस्या है। एक मात्र बालिका विद्यालय में सभी विषयों की शिक्षा नहीं हैं। विज्ञान विषय की शिक्षा के लिए छात्राओं को परेशान उठानी पड़ती है। विज्ञान शिक्षा के लिए वित्त विहीन महाविद्यालयों पर निर्भरता है, जहां फीस ज्यादा होने से दिक्कत है।
-शिवानी, कासगंज
 
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