बुधवार सुबह शैमफोर्ड पब्लिक स्कूल की बस के पहिए निकलकर हजारा नहर में जा
गिरे, हालांकि बस नहर में गिरने से बच गई। बस मेें बैठे बच्चों में
चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने किसी तरह बच्चों को बाहर निकाला। बस में
करीब 40 बच्चे बैठे थे। किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। सभी को दो मैजिक
बुलवाकर स्कूल भिजवाया।
बुधवार को बस बच्चों को ले जाने में लेट हो गई थी। बताते हैं कि रात को
चालक एक लगुन समारोह में बस को लेकर गया था, लेट हो जाने के कारण बस को
काफी तेजी से लेकर जा रहा था, सुबह करीब सवा आठ बजे गांव नूरनगर के बच्चों
को बिठाकर स्कूल की ओर जा रहा था, तभी हजारा नहर की पटरी पर अचानक बस के
पीछे के दोनों पहियों के वोल्ट निकल गए और पहिये नहर में जा गिरे। संतुलन
बिगड़ने से बस कच्ची पटरी और रेत के चलते उसमें फंस गई, जिससे वह नहर में
पलटने से बच गई। घटना के बाद बच्चों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंचे
ग्रामीणों ने बच्चाें को बाहर निकाला। बच्चों को दो मैजिक वैन से स्कूल
पहुंचाया गया। खबर लगते ही अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए।
बताया जाता है कि
स्कूल प्रशासन ने बस को किराये पर लगा रखा है, जो स्कूल के बाद डग्गामारी,
शादी लगुन कार्यक्रम में भेजी जाती है। बुधवार को भी यह बस किसी लगुन
कार्यक्रम से वापस लौटी थी। वहीं लोगों का कहना था कि यदि पटरी पक्की होती
तो बस नहर में पलट जाती। एक बड़ा हादसा हो सकता था।
हादसों के बाद भी नहीं चेता विद्यालय प्रबंधक
गत
वर्ष भी इसी स्कूल की एक मैजिक आसेपुर के समीप जामुन के पेड़ से टकरा गई
थी जिसमें कई बच्चे घायल हुए थे। इस घटना के बाद भी स्कूल प्रशासन ने कोई
सबक नहीं लिया। परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते भी ऐसे हादसे होते हैं।
गाड़ी
हमारी निजी नहीं है स्कूल के बाद वह कुछ भी करें हमें इससे कोई ऐतराज नहीं
है। गाड़ी सही है या कोई कमी इसके लिए यातायात विभाग से बात करें।
- वैभव अग्रवाल, प्रबंधक, शैमफोर्ड स्कूल