सीएचसी जलेसर पर फायर मॉक ड्रिल का आयोजन करते एमओआईसी व अन्य स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत स्वास्थ्य विभ
एटा। जिले के सभी आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर शनिवार को अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभियान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद के निर्देश पर चलाया गया। हाल ही में लखनऊ में हुई आग की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है। अस्पतालों में आग से सुरक्षा के लिए सभी संभव उपाय जांचे जा रहे हैं।
मॉक ड्रिल के दौरान सीएचसी पर तैनात एमओआईसी समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को आग लगने की स्थिति में तत्काल बचाव एवं राहत कार्य का प्रशिक्षण दिया गया। कर्मचारियों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित स्थान पर कैसे पहुंचाया जाए, फायर अलार्म का उपयोग कैसे किया जाए और अग्निशमन यंत्रों का सही तरीके से इस्तेमाल कैसे किया जाए।
इस दौरान सभी सीएचसी पर लगाए गए फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य अग्नि सुरक्षा उपकरणों की भी गहन जांच की गई और कमियों को दूर करने का आदेश दिया गया। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अलीगंज के स्वास्थ्य केंद्र पर जांची गई सतर्कता
अलीगंज। कस्बे के स्वास्थ्य केंद्र पर भी फायर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई। चिकित्साधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार ने अस्पताल परिसर के सभी अग्निशमन यंत्रों की जांच कर उनकी कार्यक्षमता, वैधता और उपलब्धता का परीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को अग्निशमन यंत्रों के संचालन की जानकारी दी गई।
सीएचसी जलेसर पर फायर मॉक ड्रिल का आयोजन करते एमओआईसी व अन्य स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत स्वास्थ्य विभ