एटा। मेडिकल कॉलेज में बनाई गई आरटीपीसीआर लैब में कोरोना जांच रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। आलम यह है कि लिए जाने वाले सैंपल में से करीब 90 फीसदी जांच के लिए आगरा भेजे जा रहे हैं।
कोरोना को लेकर लोगों की जांच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सैंपल लेने के लिए टीमों की संख्या भी बढ़ाई गई है। लेकिन जांच की समस्या बरकरार है। कोरोना जांच के लिए मेडिकल कॉलेज में रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन (आरटीपीसीआर) लैब की स्थापना एक महीने पहले की गई, जिसकी क्षमता करीब 1000 जांच प्रतिदिन करने की है। लेकिन अभी महज 96 जांचें ही प्रतिदिन हो रही हैं। इसके पीछे मानव संसाधन की कमी बताई जा रही है। जबकि जिला में 2500 के करीब सैंपल हर रोज लिए जा रहे हैं। 90 से 95 फीसदी तक सैंपल एसएन मेडिकल कॉलेज स्थित लैब को भेजे जा रहे हैं। वहां से तीसरे दिन रिपोर्ट आ रही हैं। सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज स्थित आरटीपीसीआर लैब में 96 जांचें प्रतिदिन हो रही हैं, अन्य सैंपल जांच के लिए आगरा भेजे जाते हैं। आरटीपीसीआर लैब में जांच क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।