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Etah News: धान रोपाई के दौरान बढ़ रहे फंगल कॉर्निअल अल्सर के मरीज

Thu, 30 Jul 2026 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद
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एटा। बारिश के मौसम में धान की रोपाई के साथ आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में इन दिनों युवा और बुजुर्ग फंगल कॉर्निअल अल्सर की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन 5 से 7 मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। खेतों में काम करते समय आंखों में लगने वाले छोटे घाव और लापरवाही इस संक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को 150 मरीजों को उपचार दिया गया।
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मेडिकल कॉलेज के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अनिल बघेल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में लोग धान की रोपाई और खेतों में काम करने से धान की बाली, पत्तियां या अन्य पौधों के हिस्से आंख में लगने से कॉर्निया पर हल्का घाव हो जाता है। यदि समय पर उपचार नहीं कराया जाए तो उस घाव में संक्रमण विकसित होकर कॉर्निअल अल्सर का रूप ले लेता है। यह स्थिति गंभीर होने पर आंखों की रोशनी को भी प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने बताया कि कई मरीज शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर घरेलू उपचार या बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा डालते रहते हैं। इससे संक्रमण बढ़ जाता है और उपचार में अधिक समय लगता है।
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उन्होंने बताया कि धान की रोपाई के दौरान संभव हो तो सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग करें। आंख में धान की बाली, मिट्टी या कोई बाहरी वस्तु चली जाए तो उसे रगड़ें नहीं, बल्कि साफ पानी से धोएं और तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से जांच कराएं। बिना चिकित्सक की सलाह के स्टेरॉयड या अन्य आई ड्रॉप का इस्तेमाल न करें। आंखों में तेज दर्द, धुंधला दिखाई देना, लगातार लालिमा या पानी आने जैसे लक्षण दिखें तो देरी किए बिना नेत्र चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। समय पर उपचार से फंगल कॉर्निअल अल्सर जैसी गंभीर समस्या से बचाव संभव है।
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