एटा। ग्राम पंचायतों में विकास कराने की जिम्मेदारी प्रधानों पर है। प्रस्ताव पास कराने के बाद कार्ययोजना भेजी जाती है और कार्य कराए जाते हैं। भुगतान भी प्रधान के हस्ताक्षर से होते थे। लेकिन अब अधिकार घट गए हैं। पंचायत सहायकों को यह जिम्मेदारी मिल गई है। ग्राम पंचायतों में जबसे पंचायत सहायक सरकार की ओर से तैनात किए गए हैं, प्रधानों की चिंता बढ़ी हुई है। इनके लगातार अधिकार बढ़ाए जा रहे हैं और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अब प्रधानों के अधिकार कम कर दिए गए हैं। पंचायत सहायकों को विकास कार्याें में खर्च होने वाली धनराशि का भुगतान करने का अधिकार मिल गया है।
बिल भुगतान करने से पहले डोगल पर पहले पंचायत सहायक का फोटो अपलोड होगा। इसके बाद बिल का भुगतान हो सकेगा। ऐसा होना प्रधानों को नागवार हो रहा है। इसको लेकर उनकी बेचैनी बढ़ी हुई है। शासन तक कई संगठन पहुंच बनाने में लगे हुए हैं। पंचायत सहायक को जिम्मेदारी मिलने से प्रधानों की ओर से किए जाने वाले गोलमाल पर रोक लगने की संभावनाओं को बल मिल रहा है।
डीपीआरओ कृष्ण कुमार सिंह चौहान ने बताया कि अब पंचायत सहायक ई बिल के दौरान पहले अपना फोटो अपलोड करेंगे। इसके बाद बिल का भुगतान किया जा सकेगा। अब सीधा अधिकार मिल गया है। यह शासन की नीति है, उसके आधार पर ही कार्य कराए जाएंगे।